संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पड़ोसी जिले सहारनपुर के लिए दोपहर 12.30 बजे के बाद यमुनानगर डिपो की कोई रोडवेज बस नहीं है। इससे सहारनपुर से सुबह यमुनानगर पढ़ाई, नौकरी सहित काम-धंधे के लिए लोगों का शाम को घर लौटना मुश्किल हो जाता है। यात्री अन्य जिलों के डिपो की बसों का इंतजार करने या ट्रेन व निजी वाहनों से आने-जाने पर मजबूर हैं। मांग है कि सहारनपुर के लिए यमुनानगर डिपो की शाम छह बजे तक बस सेवा शुरू की जाए।
यमुनानगर डिपो पर मौजूदा समय में बसें 157 हैं। जरूरी रूटों के संचालन के लिए करीब 225 बसों की मांग है। कम बसों में डिपो से सभी जरूरी रूटों का संचालन चुनौती बन गया है। बसों की कमी में पड़ोसी जिले सहारनपुर के रूट पर भी यमुनानगर डिपो की दोपहर साढ़े 12 बजे तक ही बस सेवा है।
इसके बाद सहारनपुर रूट पर डिपो की कोई बस न होने से दोनों जिलों के लोग परेशान हैं, जो दोपहर बाद सहारनपुर डिपो या हरियाणा के अन्य जिलों के डिपो की बसों के इंतजार करते हैं। इसके अलावा काफी लोगों को यमुनानगर से सहारनपुर आने-जाने के लिए ट्रेन व निजी वाहनों के सहारा लेना पड़ रहा है।
यमुनानगर डिपो पर पर दोपहर के बाद बस का इंतजार कर रहे अमित, राजकुमार, प्रेम सागर ने बताया कि उन्हें रोज या सप्ताह में काम के सिलसिले में सहारनपुर से यमुनानगर आना-जाना पड़ता है। इसके लिए ज्यादातर ट्रेन का सहारा लेते हैं, पर कई बार ट्रेन छूटने पर रोडवेज बसों के जरिए आते-जाते हैं।
यमुनानगर डिपो की बसों के सहारनपुर रूट पर दोपहर के बाद कोई बस नहीं है। ऐसे ही सहारनपुर से वापसी में भी डिपो की बसें नाममात्र होने से दोनों जिलों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हाे रही है। सैकड़ों विद्यार्थी, नौकरीपेशा, दुकानदारों, व्यापारियों व अन्य लोगों का दोनों जिलों में आना-जाना रहता है। उनकी मांग है कि सहारनपुर के लिए यमुनानगर डिपो की शाम छह बजे तक बस सेवा शुरू की जाए।
रूट पर मांग मुताबिक ही बसों के समय रखे गए हैं। बसों की संख्या बढ़ने पर फेरे बढ़ाएं जाएंगे। - संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।