संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव तेजली में ग्रामीणों के लिए आज तक स्वास्थ्य उपकेंद्र नहीं बन पाया है। इससे ग्रामीणों को गांव में इलाज न मिलने से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि तेजली में स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराया जाए।
नगर निगम के इस गांव में तीन आशाकर्मी, एएनएम व सीएचओ कार्यरत हैं। जगह के अभाव में पहले स्वास्थ्यकर्मी शिव मंदिर के पास बनी धर्मशाला में टीकाकरण व उपचार करते थे। कुछ समय पहले वहां सामुदायिक केंद्र बनने से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जगह नहीं रही। तब से गर्भवतियों की देखभाल के लिए आशा कर्मियों, एएनएम व सीएचओ को जगह के लिए भटकना पड़ रहा है।
जगह न होने से अब स्वास्थ्यकर्मियों को कृषि विभाग के भवन में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं। कृषि विभाग के इस भवन में पहले ही जगह की कमी है। साथ ही भवन भी खस्ता हालत में है। गांव के पूर्व सरपंच मोहन लाल, रमेश, जिले सिंह, मनी राम नंबरदार, रविकांत, वंदना, विक्रम, गीता रानी,सुमित्रा देवी, जयचंद, रणधीर सिंह, शाहिद, इलताफ, पूनम, इस्लाम, आसिफ आदि ग्रामीणों ने कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से एक मांग पत्र डीसी पार्थ गुप्ता को सौंपा था। इसमें ग्रामीणों ने कृषि भवन की मरम्मत की मांग की गई थी।
गर्भवती बोलीं - टीकाकरण के लिए जाना पड़ता है दूर
गांव की मीनाक्षी ने बताया कि वह आठ माह की गर्भवती है और काफी दूर जाकर टीकाकरण करवाना पड़ता है जिसके वजह से भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। गर्भवती रजनी ने बताया कि जहां पर उप केंद्र चल रहा है वहां पर भवन की हालत भी ठीक नहीं है। बारिश के दिनों में भवन से पानी टपकता रहता है और हर समय डर का माहौल बना रहता है। ज्योति ने कहा कि उसके पास ढाई माह का बच्चा है। गांव में स्वास्थ्य उप केंद्र न होने से भटकना पड़ता है।
तेजली में स्वास्थ्य उप केंद्र के लिए जगह नहीं है। इस बारे में कई बार पूर्व पार्षद को भी जगह देने के लिए कहा गया। अब नए पार्षद से भी मिलेंगे। नगर निगम जमीन उपलब्ध करवा दे तो भवन बनाने का प्रस्ताव सिविल सर्जन को भेजा जाएगा। - डॉ. गोल्डी स्याल, इंचार्ज, स्वास्थ्य केंद्र साबापुर।