यमुनानगर। रामपुरा कॉलोनी में ग्रीन विहार में रहने वाली प्रिया अरोड़ा शांति फाउंडेशन के नाम से संस्था चला रही है। इससे करीब 25 लोग जुड़े हैं। वह टीम के सदस्यों के साथ राेजाना रेलवे स्टेशन, झुग्गी झोंपड़ी व बस्तियों में जाकर लोगों को भोजन खिला रही हैं। ताकि कोई भी भूखा न सोए। इतना ही नहीं महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक कर रही हैं। उनके कार्यों के लिए 15 अगस्त को जिलास्तरीय कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित भी किया गया।
प्रिया अरोड़ा ने बताया कि उसने गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज से एमए पीएचडी की है। जब वह पहली बार कालेज में गई थी तो वहां सभी छात्राएं घर से दोपहर का लंच लेकर आती थी। खाना खाने के बाद जो रोटी बच जाती थी उसे छात्राएं अपने घर ले जाती थी। तब उन्हें आइडिया आया कि यदि यह बची हुई रोटी जरूरतमंद लोगों को मिल जाए तो कितना अच्छा होगा। उन्होंने अपनी कक्षा से बची हुई रोटियां एकत्रित की। इस तरह रोजाना 500 रोटी तक एकत्रित होने लगी। प्रिया कहती हैं उन्होंने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अपनी संस्था का प्रचार किया। लोगों से अपील की कि यदि उनके पास भोजन बचता है तो वह उन्हें दें ताकि उसे जरूरतमंदों को दिया जा सके।