संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी व यमुनानगर दोनों बस स्टैंड में सुबह से लेकर रात तक निजी वाहन बिजा अनुमति के आ रहे है। दोनों ही बस स्टैंड के प्रबंधक व कर्मचारियों की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। यमुनानगर बस स्टैंड पर तो सबसे ज्यादा बुरा हाल है। वह भी तक जब यहां पर प्रबंधक के साथ-साथ रोडवेज जीएम का कार्यालय भी है।
जगाधरी व यमुनानगर दोनों ही बस स्टैंड पर कहीं भी सुरक्षाकर्मी नहीं है। इसलिए निजी वाहनों को गेट पर रोका नहीं जाता। कई बार तो वाहन बस स्टैंड के अंदर इतनी तेजी से जाते हैं कि बसों से टकराने से बाल-बाल बचते हैं। इसी तरह यात्री भी इनकी चपेट में आने से बचते हैं। कई बार यह मामला रोड सेफ्टी की बैठक में भी उठा था। इसे गंभीरता से लेते हुए जगाधरी बस स्टैंड के दोनों गेट पर वर्ष 2021 में बैरिकेडिंग कर दी गई थी। क्योंकि चौक पर चालान कटने के डर से वाहन बस स्टैंड के अंदर से निकल रहे थे। रोडवेज अधिकारियों ने दो से तीन दिन ही सख्ती दिखाई, इसके बाद फिर से वही हाल हो गया। कई बार कार गेट पर फंस जाती हैं और बस स्टैंड के अंदर से बसें बाहर नहीं निकल पाती। इससे गेट पर जाम लग जाता है।
रोडवेज कर्मचारी नेता महीपाल सोडे का कहना है कि बस स्टैंड के अंदर रोजाना दिनभर निजी वाहन घूमते रहते हैं। इन पर पूरी तरह से अंकुश लगना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी उन्हें अंदर आने से रोकता है तो वाहन चालक उनके साथ झगड़ा करने को उतारू हो जाते हैं।
बस स्टैंड के अंदर यदि प्राइवेट वाहन आ रहे हैं तो इस पर अंकुश लगाया जाएगा। इसके लिए स्टाफ की ड्यूटी लगाएंगे कि किसी भी निजी वाहन को बस स्टैंड परिसर में आने न दिया जाए।
- संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।