संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले के 40 से ज्यादा निजी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें अग्निकांड से निपटने का कोई प्रबंध नहीं है। स्कूलों की इस हकीकत का खुलासा दमकल विभाग की जांच व सर्वे रिपोर्ट में हुआ। यह जांच हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य के आदेशों पर की गई।
आयोग सदस्य अनिल लाठर ने मंगलवार को दमकल अधिकारी से स्कूलों की रिपोर्ट मांगी। इसमें खुलासा हुआ कि जिले के 58 स्कूलों में आग से निपटने के इंतजामों में जांच की गई। तीन-तीन मंजिला इमारत में आग बुझाने के लिए मात्र सिलिंडर रखे गए हैं। यह सिलिंडर भी मात्र औपचारिकता है। जांच में पाया कि सिलिंडर पर्याप्त नहीं है और कई सिलिंडर की फीलिंग डेट भी समाप्त हो चुकी थी।
आयोग के सदस्य लाठर ने यह रिपोर्ट देखकर आपत्ति जताई। उन्होंने फायर ऑफिसर को इन सभी स्कूलों की फायर एनओसी रद्द करने के आदेश दिए। वहीं, उन्होंने फायर ऑफिसर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण विभाग को तमाम स्कूलों में फायर सेफ्टी के प्रबंधों की जांच करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के पास ऐसे प्रबंध नहीं है उनकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए। ऐसे सभी स्कूलों की फायर एनओसी रद्द की जाएगी। वहीं, शिक्षा निदेशालय से भी इस बारे कार्रवाई की मांग की जाएगी।
जांच जारी रखने के आदेश
निजी स्कूलों में आग से निपटने के प्रबंधों की जांच के लिए दिसंबर 2024 में अनिल लाठर ने दमकल विभाग के अधिकारियों से बैठक की थी। जिसमें एक माह में सभी निजी स्कूलों में आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा था। दमकल ने एक माह में अपनी रिपोर्ट नहीं दी। इसके बाद फरवरी तक की रिपोर्ट अनिल लाठर को दी गई। इस पर आयोग के सदस्य लाठर ने स्कूलों की फायर एनओसी रद्द करने के आदेश दिए हैं। वहीं, उन्होंने अधिकारियों को सभी स्कूलों की जांच करने के आदेश दिए हैं।