प्रदेश सरकार चुनाव के समय किए वादे को पूरा कर अस्थायी व अनुमति प्राप्त स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया को सरल करे ताकि प्रदेश के ऐसे 3200 स्कूलों में पढ़ रहे हजारों बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो। यह बात हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बाईपास रोड स्थित न्यू सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित जिलास्तरीय बैठक में कही।
उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रदेश सरकार ने चुनाव के समय वादा किया था कि सत्ता में आते ही प्रदेश के अस्थायी व अनुमति प्राप्त स्कूलों को मान्यता दिलाने के लिए प्रक्रिया को सरल किया जाएगा। लेकिन सरकार ने भी पिछली सरकार की नीति पर चल एक साल की ही मान्यता दी है। प्रदेश ऐसे करीब 3200 स्कूल हैं, जबकि जिला यमुनानगर में 91 स्कूल अस्थायी व अनुमति प्राप्त हैं।
उन्होंने कहा कि संघ जिलास्तर स्कूल संचालकों को एकजुट कर रहा है। अस्थायी व अनुमति के आधार पर चल रहे सभी स्कूलों को उनके चल रहे स्तर तक स्थायी मान्यता दी जाए और स्कूलों के लिए निर्धारित भूमि की शर्तें हटाईं जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब, राजस्थान व अन्य राज्यों की तर्ज पर एसोसिएट प्रणाली को प्रदेश में लागू करे।
बैठक को संघ के जिला प्रधान बलदेव खन्ना व सचिव श्यामलाल व कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया सरल न होने के कारण अस्थायी व अनुमति प्राप्त स्कूलों में एडमिशन का ग्राफ लगातार गिर रहा है।
बैठक में जिले के करीब 50 स्कूलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने मान्यता से संबंधित विभिन्न 25 मांगों के ज्ञापन को सरकार तक पहुंचाने पर सहमति जताई।
इस मौके पर शांति निकेतन स्कूल से नवनीत शर्मा, न्यू लाइट स्कूल मंडेबरी से माया राम, शिवालिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से रमेश शर्मा, रामाकिश्रा पब्लिक स्कूल से मुकेश, नीलकंठ हाई स्कूल से बीडी स्वामी, विश्व क्षमता हाई स्कूल से रवि राणा व अन्य कई स्कूलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।