इंडस्ट्रियल एरिया स्थित प्लाइबोर्ड फैक्ट्री में तेल (थर्मीकॉइल) टैंक में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि आग की लपटों के बीच मौजूद बॉयलर फटने से बच गया और बड़ा हादसा होते-होते बचा। क्योंकि बॉयलर फटने पर अन्य इकाइयां भी आग की चपेट में सकती थीं और जानमाल को बड़ा नुकसान हो सकता था।
बहरहाल, सूचना पाकर पहुंचीं छह दमकल गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। तब तक फैक्ट्री में रखी लाखों रुपये की मशीनरी व बिजली उपकरण सड़कर खराब हो गए। जबकि टैंक से हजारों लीटर तेल बह गया।
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित अग्रवाल प्लाइबोर्ड फैक्ट्री में आग की यह घटना रविवार सुबह करीब छह बजे हुई। फैक्ट्री के चैंबर एरिया में रखे तेल (थर्मीकॉइल) टैंक से आग भभकने लगी। कुछ ही सेकेंड में आग की लपटें इतनी ऊपर उठीं कि तीस फुट ऊंचाई पर फैक्ट्री के शेड भी उसकी चपेट में आ गए। पिछले हिस्से में बने क्वार्टर में सो रही लेबर उठकर बाहर आ गई।
श्रमिक श्रीकांत ने मॉडल टाउन में रह रहे फैक्ट्री मालिक यशपाल अग्रवाल को सूचित किया। यशपाल ने इसकी सूचना दमकल विभाग को दी और स्वयं भी मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में दमकल केंद्र यमुनानगर की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को बुझाने का प्रयास किया, किंतु आग पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका।
इस कारण एक के बाद एक चार अन्य दमकल गाड़ियां भी मौके पर बुलाई गईं। आग तेल में होने के कारण उसे दमकल कर्मियों ने फॉम (केमिकल) से बुझाने का प्रयास किया। जबकि आग की लपटों के बीच मौजूद बॉयलर गर्म होकर फट न जाए, इसलिए पानी से उसे ठंडा रखने का प्रयास किया गया।
आग की लपटों के बीच ही फैक्ट्री का बॉयलर मौजूद था, दमकल विभाग ने छह दमकल गाड़ियों के पानी से उसे ठंडा रखने का प्रयास किया गया, ताकि वह गर्म होकर फट न जाए। जबकि तेल में लगी आग पर फॉम (केमिकल) से काबू पा लिया गया।
गुलशन कालड़ा, जिला दमकल अधिकारी।