व्यासपुर। धनौरा क्षेत्र के खनन जोन में पिछले एक सप्ताह से एक माइनिंग कंपनी पर अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं। खनन व्यवसाय से जुड़े लोगों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के कर्मचारी सुलतानपुर, मुगलवाली और खानूवाला सहित विभिन्न स्थानों पर प्रशासनिक नाकों के नाम पर प्राइवेट लोगों को बैठाकर खनिज सामग्री लेकर जाने वाले वाहनों से जबरन वसूली कर रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि कंपनी को केवल धनौरा क्षेत्र में खनन का ठेका मिला हुआ है और नियमों के अनुसार वह केवल कच्चे माल पर ही रॉयल्टी वसूल सकती है। इसके बावजूद कंपनी के कर्मचारी निर्धारित क्षेत्र से बाहर भी नाके लगाकर वाहनों को रोक रहे हैं और कागजात जांच के नाम पर चालकों को परेशान कर रहे हैं।
ट्रैक्टर और डंपर चालकों ने बताया कि बिना किसी ठोस कारण के उन्हें लंबे समय तक रोका जाता है, जिससे उनका काम प्रभावित हो रहा है। कई बार इन नाकों के कारण सड़कों पर लंबा जाम भी लग जाता है। मुगलवाली बस स्टैंड के पास हालात ज्यादा खराब हैं, जहां से आसपास के दर्जनों गांवों के विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज के लिए बस पकड़ते हैं, लेकिन जाम के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
क्षेत्र के अशोक रानीपुर, जुल्फान रणजीतपुर, नैब खान, अयूब खान, साहिल, परवीन और अशोक सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सुलतानपुर और मुगलवाली में लगे इन नाकों को हटाकर केवल धनौरा के अधिकृत खनन क्षेत्र में ही रॉयल्टी वसूली सुनिश्चित की जाए। संवाद
प्राइवेट कर्मचारी नहीं कर सकते जांच: एसडीएम
इस मामले में एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह गिल ने कहा कि सरकारी नाकों पर केवल संबंधित विभाग के कर्मचारी ही जांच कर सकते हैं। प्राइवेट व्यक्तियों द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह अवैध है। यदि कहीं भी प्राइवेट लोग नाकों पर बैठकर जांच करते पाए गए तो मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।