संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ने एक लाख रुपये से अधिक संपत्ति कर के बकायादारों की संपत्तियां सील करने की निगम ने तैयारी कर ली है। नगर निगम ने लगभग 200 ऐसे बकायादारों को नोटिस जारी किया है, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
इन बकायेदारों में कई प्रतिष्ठित मैरिज पैलेस, होटल, इंडस्ट्री, बड़े दुकानदार, पेट्रोल पंप व अन्य व्यावसायिक इकाइयों व संस्थान शामिल हैं। निगम द्वारा इन्हें कई नोटिस जारी किए थे। अब अंतिम नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी कर इन बकायादारों को सुनवाई के लिए 19 अगस्त से निगम कार्यालय बुलाया गया है। वह प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने का कारण रखेंगे।
टैक्स जमा न कराने का उचित कारण न होने पर निगम द्वारा उनकी संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी। कुछ माह पहले भी नगर निगम ने बकायेदारों की संपत्ति सील की थी। नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत संपत्ति कर है, जिसे शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है।
बड़ी संख्या में बकायेदार करोड़ों रुपये संपत्ति कर दबाए बैठे हैं। सरकार ने प्रॉपर्टी जमा कराने के लिए संपत्ति धारकों को टैक्स में 10 प्रतिशत छूट दी थी। हालांकि काफी संख्या में संपत्ति धारकों ने इस छूट का लाभ उठाते हुए टैक्स जमा कराया, लेकिन बहुत से बकायादारों ने टैक्स में छूट का लाभ नहीं उठाया। न ही छूट के बाद टैक्स जमा कराया।
नोटिस के बाद भी इन बकायादारों ने टैक्स जमा कराना उचित नहीं समझा। जिसके बाद नगर निगम आयुक्त अखिल पिलानी के निर्देशों पर एक लाख रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स के लगभग 200 बकायेदारों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत नोटिस जारी किए गए। नोटिस में बकायेदारों को टैक्स जमा कराने के लिए अंतिम अवसर दिया गया।
वहीं बकायेदारों को 19 अगस्त से सुनवाई का समय दिया गया। वह नगर निगम कार्यालय आकर प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने का कारण बता सकते है। इस दौरान यदि किसी का संपत्ति कर गलत है तो वह उसे दुरुस्त करवा सकता है। संपत्ति से संबंधित अन्य गलतियों को भी दुरुस्त करवा सकता है। सुनवाई के बाद भी संपत्ति कर जमा न कराने वाले संपत्ति धारकों की संपत्ति को सील किया जाएगा।
सीलिंग के लिए टीमों का गठन
नगर निगम आयुक्त अखिल पिलानी व क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया ने बताया कि जिन संपत्ति धारकों को नोटिस जारी किए गए है, उनमें कई नामी औद्योगिक इकाइयों से लेकर संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान सहित पेट्रोल पंप व कई दुकानें शामिल हैं। इन पर संपत्ति कर की एक से 10 लाख या अधिक राशि बकाया है। निगम ने इनकी सूची तैयार करने के साथ इन्हें सील करने की तैयारी शुरू कर दी है। सीलिंग कार्रवाई के लिए नगर निगम एरिया को दो जोन में बांट कर टीमों का गठन किया गया है।