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Yamuna Nagar News: शहर को स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से जगमग करने की तैयारी अधर में

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यमुनानगर। दिव्य नगर योजना के तहत शहर की सड़कों और गलियों को स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से लैस करने की परियोजना बीते एक साल से अधर में है। इसके तहत 41 हजार एलईडी लाइटें लगाई जानी हैं, जिसके लिए डीपीआर तैयार है और 38.46 करोड़ के फंड पर शहरी स्थानीय निकाय से प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही अन्य औपचारिकताएं पूरी कर धरातल पर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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शहर की बहुत सी-गलियों और सड़कों पर फिलहाल शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। कारण कि एक साल बाद भी 41 हजार नई एलईडी लाइटें लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है, जबकि इसके इंतजार में पुरानी लगी सोडियम, ट्यूब व सीएफएल लाइटें भी जवाब दे रही हैं। ऐसे में निवर्तमान पार्षदों की ओर से दीपावली से पहले 41 हजार लाइटों की परियोजना को सिरे चढ़ाने की मांग उठाई जा रही है।
विदित हो कि सवा साल पहले नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के लिए यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से 41011 एलईडी लाइटें मंजूर की गई थीं। इसके बाद यह लाइट कहां-कहां लगाई जाएंगी, इसका सर्वे भी हुआ। इसमें एलईडी लाइट लगाने के लिए 28 हजार नए और 13 हजार पुराने प्वाइंट (जहां सोडियम लाइट-बल्ब, ट्यूब लाइट व सीएफएल लगे) चिह्नित किए गए। साथ ही परियोजना की डीपीआर तैयार कराई गई, लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण कार्य में अधर में लटक गया। अब एकबार फिर से परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए अफसरों ने कदम बढ़ाए हैं। इसके लिए 38.46 करोड़ रुपये के फंड पर प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस राशि को नगर निगम और सरकार 50-50 फीसद वहन करेंगे। इस संबंध में निगमायुक्त आयुष सिन्हा का कहना है कि परियोजना की डीपीआर तैयार है और फंड पर शहरी स्थानीय निकाय से प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है, जल्द अन्य औपचारिकताएं पूरी कर धरातल पर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम पर चलेंगी लाइट-
परियोजना के मुताबिक एलईडी लाइटें स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से चलेंगी। इसके लिए कन्हैया साहिब चौक समीप स्थित नगर निगम के कार्यालय में आईटी बेस कॉमन कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस) तैयार होगा। जहां किसी भी लाइट के खराब होने पर सीसीएमएस से पता चल जाएगा, यानी निगम कर्मियों को खराब लाइट का पता करने के लिए ना तो शिकायत का इंतजार करना पड़ेगा और न ही उसे ढूंढने को भटकना पड़ेगा। इसके अलावा यह लाइटें कार्यालय से ही बंद व चलाई जा सकेंगी।

आठ वार्डों में स्थिति कुछ ठीक, बाकी 14 में बिगड़ी:
मार्च-2020 में नगर निगम ने वार्ड-2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 और 21 में पुरानी लाइटों के स्थान पर नई एलईडी लाइटें लगाने के लिए करीब चार करोड़ रुपये की ई निविदा लगाई थी। शुरुआत में ही काम में कर्मियों के आरोप और उन पर चली जांच में एक साल निकल गया। सितंबर-2021 तक आठ वार्डों में 8164 एलईडी लाइटें लग पाईं, जबकि अन्य 14 वार्डों में एलईडी लाइट नहीं लग पाई। जिन आठ वार्डों में लगीं, वहां भी कई बंद व खराब हैं। कार्यकाल के दौरान वार्ड पार्षद नई एलईडी लाइटें न लगने व पुरानी लाइटों की मरम्मत न होने का मुद्दा हर सदन की बैठक में उठा चुके हैं। क्योंकि वार्डों के गांवों से लेकर कॉलोनियों व मोहल्लों में शाम होते ही अंधेरा हो जाता है।
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