यमुनानगर। अंतरराज्यीय श्री कपाल मोचन-श्री आदि बद्री मेला 11 नवंबर से शुरू हो रहा है। पांच दिन तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं के आने-जाने की सुविधा के लिए हरियाणा रोडवेज की बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए यमुनानगर डिपो ने भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गत वर्षों में मेले के दौरान मिले रुझान को मद्देनजर रख मेले के लिए बसों के रूट और समय तय करने पर मंथन किया जा रहा है। ऐसी संभावना है कि इस बार मेले के लिए डिपो की 70 बसें चलेंगी, जो मुख्य चार रूटों से श्रद्धालुओं को मेला स्थल पहुंचाने व वापस लाने का काम करेंगी। हर वर्ष मेले में हरियाणा रोडवेज की यमुनानगर सहित अंबाला, कुरुक्षेत्र व अन्य डिपो की बसें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाई जाती हैं। इस बार मेले के लिए पहले से अधिक बसें चलाई जाने की संभावना है। पिछले वर्ष मेले के लिए 60 बसें चलाई गई थी जबकि इस बार 70 से 80 बसें चलाई जाने की उम्मीद है।
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बसों के संभावित चार रूट:-
-यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन से श्रीकपालमोचन।
-श्रीकपालमोचन से श्रीआदिबद्री।
-अंबाला से श्रीकपालमोचन।
-यमुनानगर बस स्टैंड से कपालमोचन।
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अधिक फोकस स्टेशन चौक पर-
मेले में अधिकांश श्रद्धालु पंजाब से आते हैं, उनमें ज्यादातर ट्रेन के जरिए यमुनानगर पहुंचते हैं। इसलिए मेले के लिए रोडवेज बसों को चलाने के लिए रोडवेज अफसरों का फोकस यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन के रूट पर है। इसी रूट पर अधिक बसें रखी जा सकती हैं, जिससे यहां से ऑन डिमांड बस सेवा रहे। रूट पर अभी तक मेले के लिए महाराजा अग्रसेन (स्टेशन) चौक से मेले के लिए बसें चलाई जाती थीं, पर अब रेलवे स्टेशन परिसर से बसों के आने-जाने की जगह बन गई है। यहां से ट्रेन से उतरने वाले श्रद्धालुओं को सीधे मेले के लिए बस सेवा दी जा सकती है। ऐसी ही मांग कई संस्थाओं व संगठनों के पदाधिकारी भी कर रहे हैं।
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वर्जन-
हर वर्ष की तरह मेले के लिए भी बसें चलाई जानी हैं। इसको लेकर तैयारी कर रहे हैं, जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर बस सेवा दी जा सके।
- भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।
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