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Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने पर फूटा गर्भवतियों का गुस्सा

Wed, 22 Jul 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासांउड नहीं होने पर विरोध जताती महिलाएं। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में कई दिन से समय पर अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं मिलने से मंगलवार को गर्भवती महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। गर्भवतियों ने आरोप लगाया कि वे पिछले चार दिन से लेकर एक सप्ताह तक अस्पताल के चक्कर काट रही हैं। महिलाओं ने पहले सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। पीएमओ ने देरी से पहुंचीं सोनोलॉजिस्ट को कड़ी चेतावनी दी।
सुबह से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं लाइन में लगी रहीं। दोपहर तक भी किसी के अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। पहले वे शिकायत लेकर सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचीं, लेकिन सिविल सर्जन के अवकाश पर होने के कारण कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला से मिलने का प्रयास किया। उस समय उनकी वीडियो कॉन्फ्रेंस होने के कारण मरीजों से मुलाकात नहीं हो सकी।
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इसके बाद महिलाएं पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन गोंदवाल के पास पहुंचीं और अपनी समस्या बताई। डॉ.गोंदवाल महिलाओं को साथ लेकर जिला नागरिक अस्पताल पहुंचे। उनके पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही अल्ट्रासाउंड करने वाली सोनोलॉजिस्ट डॉ. संजना दुआ अस्पताल पहुंची थीं।
दोपहर करीब सवा 12 बजे अस्पताल पहुंचने पर पीएमओ डॉ. विपिन गोंदवाल ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा, क्या यह अस्पताल आने का समय है आपका? रोज-रोज यह नहीं चलेगा। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो कार्रवाई करनी पड़ेगी। पीएमओ की इस सख्त नाराजगी के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजन भी अपनी शिकायतें सुनाते रहे।
गौरतलब है कि सोनोलॉजिस्ट डॉ. संजना दुआ पहले स्वास्थ्य विभाग में ही जिला अस्पताल में कार्यरत थी। सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग ने अनुबंध के आधार पर उन्हें जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने के लिए नियुक्त कर दिया। वह हाल ही में एक माह के अवकाश के बाद ड्यूटी पर लौटी हैं।
गर्भवतियां बोलीं - रोज रहती हैं भूखी प्यासी
खदरी गांव की अफसाना, जयपुर गांव की दीपा, परवालों की नेहा, बैंक कॉलोनी की दीपिका और सिमरन ने बताया कि वे पिछले चार दिन से लगातार अस्पताल आ रही हैं। कभी डॉक्टर नहीं मिलतीं, कभी फार्म भरने से मना कर दिया जाता है और कभी संख्या पूरी होने का हवाला देकर वापस भेज दिया जाता है। उनका कहना था कि गर्भावस्था की स्थिति में उन्हें खाली पेट जांच के लिए आना पड़ता है, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बाद भी जांच नहीं हो पाती। शिल्पी यादव ने बताया कि उसके पति वर्कशॉप में काम करते हैं और पिछले एक सप्ताह से रोज अपना काम छोड़कर उसके साथ अस्पताल आ रहे हैं। इसके बावजूद अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30 से 40 गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचती हैं।
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लोगों ने अल्ट्रासाउंड में देरी से होने की शिकायत की थी। सोनोलॉजिस्ट डॉ. संजना दुआ को समय पर आने के लिए कहा गया है। ड्यूटी में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।

मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासांउड नहीं होने पर विरोध जताती महिलाएं। संवाद

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