चंडीगढ़-हरिद्वार नेशनल हाईवे के भंभोली टोल प्लाजा पर चल रहा किसानों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। दिनभर चली बूंदाबांदी से किसानों को मुश्किल तो हुई, लेकिन उनका हौसला बरकरार है। बूंदाबांदी होने पर किसान टेंट से उठकर टोल प्लाजा के नीचे चले गए और वहीं एक साइड की लाइनों में दरी बिछाकर बैठ गए। इसके बाद दोनों साइड के ट्रैफिक को अवरोधक लगाकर एक ही साइड से निकाला गया। धरनारत किसानों के लिए यहीं पर खाना बनाया जा रहा है।
भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि केंद्र सरकार से वार्ता विफल होने के बाद अब आंदोलन तेज कर दिया गया है। गांव-गांव घूमकर किसानों को दिल्ली कूच के लिए तैयार किया जा रहा है। बुधवार को ट्रैक्टर रैली निकाली जा सकती है। गणतंत्र दिवस पर जिले से एक हजार ट्रैक्टर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए गांव स्तर पर कमेटियां गठित की जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान नहीं लें और कृषि कानूनों को वापस लें। किसान सर्दी और बारिश से डरने वाले नहीं है और लंबी लड़ाई की तैयारी कर चुके हैं। सिंघु बॉर्डर पर भी यमुनानगर से काफी बड़ी संख्या में किसान गए हुए हैं।
भाकियू नेता मनदीप रोड छप्पर ने कहा कि टोल प्लाजा पर 12वें दिन मौसम खराब हो गया,इसके बावजूद सात सौ से ज्यादा किसान यहां पर डटे हुए हैं। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान कर्ज के नीचे दबे हुए हैं और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने किसानों को मजबूती दी है और जब तक कानून वापस नहीं हो जाते, तब तक किसानों का धरना संघर्ष जारी रहेगा। चार जनवरी की मीटिंग में किसानों को कोई आश्वासन नहीं मिला। इस आंदोलन में 52 से ज्यादा किसान शहीद हो गए, लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। इस दौरान कृष्णपाल, करनैल सिंह, बिरहा राम, माया राम, गुरबीर सिंह, विजयपाल गलौली आदि मौजूद रहे।
किसानों के बिजली कनेक्शन काटे जाने और मीटर उतारने के लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बिजली निगम कार्यालय पर नारेबाजी की। छह किसानों के बिजली के बिल जमा न होने के कारण बिजली निगम ने कनेक्शन काटे हैं। भाकियू से जुड़े किसानों ने जिला प्रधान सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में निगम की कार्यवाही का जोरदार विरोध किया। वहीं किसानों ने बिजली निगम व सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए बिजली के कनेक्शन काटने की कार्यवाही बंद करने की मांग की। जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने कहा कि आंदोलन के दौरान क्षेत्र से भारी संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर पर गए हुए है। ऐसे में बिजली निगम की ओर से किसानों के बकाया बिलों को लेकर उनके बिजली के कनेक्शन काटे जाने की कार्यवाही का भाकियू विरोध करती है। किसानों के बिजली के कनेक्शन काटने पर भाकियू अब कर्मचारियों को गांव में बंधक बनायेगी। उन्होंने कहा कि देश का किसान सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। उदय सिंह कुंजल, रमेश, सुभाष, सुनील, बरेहडी, सुभाष, रघुवीर, गुरदयाल, ओमप्रकाश, बाजिंद्र सिंह, प्रदीप राणा, सरदार मनमोहन सिंह, सतबीर सिंह, कर्मवीर आदि किसान और मजिस्ट्रेट के तौर पर बीडीपीओ कंवरभान नरवाल, डीएसपी रणधीर सिंह, एसएचओ रादौर गुरदेव सिंह सिद्धू भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।