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पूर्व मंत्री के कार्यक्रम में पहुंचे किसान, पुलिस ने किया शांत

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pradarsan - फोटो : Yamuna Nagar
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भाजपा के हर कार्यक्रम का भाकियू द्वारा विरोध करने की घोषणा के बाद से नेताओं और सरकारी तंत्र में खलबली है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कलानौर में पूर्व के कार्यक्रम में दो डीएसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तो तैनात किया ही गया। वहीं जरूरत के समय किसानों पर पानी की बौछार करने के लिए वाटर कैनन इत्यादि का भी इंतजाम किया गया था। जैसे ही प्रशासन को कार्यक्रम स्थल पर किसानों के आने की भनक लगी, तो कार्यक्रम रद्द करवा दिया गया। किसानों ने पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ देर बाद भी जब किसान शांत नहीं हुए तो डीएसपी हेडक्वार्टर व डीएसपी रादौर ने किसान नेताओं से बातचीत की। उन्हें कार्यक्रम रद्द कर दिए जाने की जानकारी दी। जिसके बाद किसान शांत हुए। इस दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही। किसानों के लौटने के बाद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। किसान नेता सुभाष गुर्जर ने कहा कि भाजपा ने किसानों के भय के कारण कार्यक्रम रद्द किया है। संगठन भाजपा के हर कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करेगा।
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गांव कलानौर में पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज का कार्यक्रम था। जहां उन्होंने विकास कार्यों का शिलान्यास करना था। इसके लिए कलानौर में सभी तैयार कर ली गई। किसान संगठनों ने भाजपा के हर कार्यक्रम का विरोध करने का ऐलान किया है। लिहाजा किसानों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता बंदोबस्त किए गए। डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद और डीएसपी रादौर देसराज के नेतृत्व में भारी पुलिस तैनात कर दिया गया। वहीं साढ़ौरा में हुए मंडलस्तरीय कार्यक्रम की तरह स्थिति न बने इसके लिए पुलिस बल के साथ किसानों पर पानी की बौछार करने के लिए वाटर कैनन की गाड़ियां भी खड़ी करवा दी गई। किसानों को जैसे ही प्रशासन के इन बंदोबस्तों का पता चला कि वे भारी संख्या में कलानौर पहुंचने लगे। कलानौर बार्डर पर किसानों के जुटने की भनक जैसे ही प्रशासन को लगी आनन फानन में कार्यक्रम रद्द करवा दिया गया। किसान बार्डर से सीधे कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे। नारेबाजी करते हुए किसान कार्यक्रम स्थल के बाहर जमा हो गए। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ देर नारेबाजी करने के बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए। जब उन्होंने अंदर जाने की बात की तो मौजूद दोनों डीएसपी ने मौका संभाला। उन्होंने किसान नेताओं से बातचीत की। उन्हें बताया कि अब यहां कोई कार्यक्रम नहीं हो रहा है। कार्यक्रम रद्द करवा दिया गया है। जिसके बाद किसान शांत हुए। वहां कुछ देर रूकने के बाद वे लौट गए। उनके जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। संयुक्त किसान मोर्चा अध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने नारेबाजी की। इस दौरान निदेशक मनदीप रोड छप्पर, कृष्णपाल सुढ़ल, गुरबीर सिंह, मानसिह पजेंटा, धर्मपाल चौहान एडवोकेट, गुरुभजन सिंह संधू, महिपाल चमरौडी, प्यारेलाल तंवर, कर्मवीर कलानौर, उदय सिंह कुंजल, पवन गोयल दामला, जनक पांडों आदि किसान मौजूद रहे।
साढ़ौरा स्थिल लक्ष्मी मंदिर में भाजपा का मंडलस्तरीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। जिसमें यमुनानगर विधायक घनश्याम अरोड़ा और जिला अध्यक्ष राजेश सपरा पहुंचे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया और प्रदेश शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर भी पहुंचने वाले थे। लेकिन उनके पहुंचने से पहले किसान पहुंच गए। किसानों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई। दोनों मंत्रियों का आना कैंसिल हो गया। वहीं स्थिति ज्यादा खराब होने पर विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष को पिछले गेट से निकालना पड़ा।
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संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने टोल प्लाजा पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार झूठ बोल रही है कि किसानों की 50 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि सोमवार को सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। भाजपा नेता किसानों से टकराना चाहते हैं, लेकिन जब किसान पहुंचते हैं, तो कार्यक्रम रद्द कर पीछे से खिसक जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में किसी भी भाजपा नेता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। सभी किसान 6 जनवरी को ज्यादा से ज्यादा संख्या में ट्रैक्टर सहित दिल्ली में पहुंचे। वहां पर जो भी संगठन के नेताओं के आदेश हो उनकी पालना करें। इसके बात न बनने पर रिलायंस पंप और मॉल बंद करवाए जाएंगे। 26 जनवरी की परेड में करोड़ों किसान लाखों ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली पर चढ़ाई करेंगे और अपना हक लेकर ही लौटेंगे। रविवार को पैरामिलिट्री फोर्स के रिटायर्ड कर्मियों द्वारा टोल प्लाजा पर किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया गया। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि दिल्ली के लिए तैयारी रहें।
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