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धान में नमी बताकर खरीद में आनाकानी पर भड़के किसान, लगाया जाम

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जिले की मंडियों में धान की खरीद को लेकर खरीद एजेंसी और किसान आमने सामने हैं। बुधवार को फसल में नमी को लेकर किसान भड़क गए और लगातार दूसरे दिन लघु सचिवालय के बाहर नेशनल हाईवे नंबर 73 पर जाम लगा दिया।
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किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली अड़ा दी और तिरपाल डालकर सड़क पर बैठ गए। करीब बीस मिनट तक गुस्साए किसान नारेबाजी करते रहे। किसानों के आक्रोश को देखते हुए लघु सचिवालय के मुख्य रास्ते के गेट को बंद कर दिया और अंदर भी बेरिकेट्स लगाकर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। ताकि मंगलवार की तरह किसान लघु सचिवालय परिसर में ना घुस सकें। जाम खुलवाने के लिए एसडीएम दर्शन सिंह और डीएसपी सुभाषचंद मौके पर पहुंचे और खरीद का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद के किसानों के साथ मंडी में पहुंचे और खरीद शुरू करवाई। वहां पर आढ़ती बिफर गए। इनका कहना था कि खरीद एजेंसी उन्हें रिसीविंग दें तभी आढ़ती से खरीद मानी जाएगी। बाद में एजेंसी कह देगी कि सीधे किसान से खरीदी गई है। जबकि उन्होंने धान को साफ किया और मजदूरी अदा की है।
भाकियू नेता हरपाल सुढैल ने कहा कि तरह तरह से किसानों को परेशान किया जा रहा है। पहले जहां 22 फीसदी नमी तक की फसल भी खरीदी जाती रही है, लेकिन इस बार 17 फीसदी नमी वाली फसल को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब दो दिन से तीन दिन फसल सूखाने को कहा जा रहा है, लेकिन किसान के पास अभी वक्त नहीं है। क्योंकि गेहूं व अन्य फसलों के लिए जमीन भी तैयार करनी है।
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किसानों को समझा दिया गया है, उनकी फसल का एक एक दाना सरकार खरीदेगी। किसानों से आग्रह है कि वे मोबाइल पर मैसेज मिलने के बाद ही मंडी में पहुंचे और अपनी फसल को सूखाकर लाएं।
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