भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने शनिवार को रादौर क्षेत्र के गांव खजूरी, मसाना जाट्टान, हरनौल, दूधला, दामला, रतनगढ़ (नंदपुरा) आदि का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की बैठकों को संबोधित करते हुए बताया कि पांच अक्तूबर को किसान-मजदूर महापंचायत का बरवाला की कपास मंडी में आयोजन किया जा रहा है। जिसमें पूरे प्रदेश के किसान-मजदूर शामिल होंगे। महापंचायत ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अजमेर सिंह लक्खोवाल व राष्ट्रीय स्तर तथा प्रदेश स्तर के सभी नेता शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि यह अध्यादेश किसान और मजदूर को बिल्कुल बर्बाद कर देंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस अध्यादेश में सरकार एक कानून लागू करें कि एमएसपी रेट पर खरीद गारंटी तथा फसल भुगतान का एक कानून बनाएं। यदि कोई व्यापारिक फसल को एमएसपी रेट से कम खरीद करेगा तो उसके विरूद्ध दंडनीय अपराध सजा का कानून बनाया जाये। उन्होंने कहा कि खेती को घाटे का सौदा बन गई है। किसान कर्ज में डूब गया है और सरकार की गलत नीतियों के कारण आज किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। किसान राजनीतिक पार्टियों को छोड़कर किसान संगठन में शामिल हो और अपनी लड़ाई ताकत के साथ लड़े। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि किसान को खेती करने की हड़ताल करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि 5 अक्टूबर को बरवाला में सरकार के खिलाफ आर्थिक और राजनीतिक तौर पर कड़े फैसले लिए जाएंगे। सरकार के नेताओं को गांव में आने पर उनका विरोध करना पड़ेगा। उनको किसी भी गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा और आर्थिक तौर पर सरकार से लेनदेन का नाता तोड़ेंगे। वहां पर कड़े फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में पूरे देश में चक्का जाम किया गया और सरकार को हिला कर रख दिया गया। जब तक सरकार तीन अध्यादेशों में फेरबदल नहीं करेगी तब तक सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। 5 अक्तूबर को सरकार के खिलाफ ऐसे निर्णय लिए जाएंगे जिससे सरकार को झुकना पडेगा। उन्होंने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि 5 अक्तूबर को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बरवाला हिसार महापंचायत में पहुंचे। जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने बताया कि बरवाला की किसान महापंचायत में यमुनानगर जिले से सैकड़ों किसान पहुंचेंगे। सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि आज किसान जाग चुका है और सोई हुई सरकार को उठाने के लिए अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि यदि आज किसान की लड़ाई लड़ सकती है तो भारतीय किसान यूनियन का नेतृत्व में लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन राजनीतिक लोगों से बचें और अपने लड़ाई लडने के लिए एकता का सबूत दें और ज्यादा से ज्यादा संख्या में बरवाला की कपास मंडी में पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की लड़ाई लडने के लिए अपनी जान भी देने के लिए पीछे नहीं हटेंगे। इस अवसर पर मंडल महासचिव अमर सिंह टांटकी, मेहताब सिंह, जसवीर सिंह, धर्मवीर, जयपाल, उदयसिहं, बाजिन्द्र सिहं, सतबीर सिंह, अशोक शर्मा, सुभाष दहिया, बलदेव, रमेश ढिल्लो, नाथीराम, गुरदयाल, जनक, राज शर्मा, सुभाष, सुलेख कांबोज, सनी वालिया, विजयपाल आदि मौजूद रहे।