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कृषि कानूनों के विरोध में रेल लाइन और राज मार्ग पर जाम किए

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रेल ट्रैक जाम करके बैठे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता - फोटो : Yamuna Nagar
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कृषि विधेयक के विरोध में शुक्रवार को भारत के तहतकिसान यूनियनों ने धरना-प्रदर्शन किया। भाकियू चढूनी गुट की तरफ से सुढैल गांव के पास रेलवे ट्रैक पर धरना दिया गया। वहीं रतनमान गुट की तरफ से रादौर में कुरुक्षेत्र-सहारनपुर हाईवे को जाम किया गया। बिलासपुर में किसानों ने पाबनी गांव के अड्डे पर भी साढौरा मार्ग पर व बिलासपुर अनाज मंडी के सामने जाम लगाया। वहीं कलानौर बॉर्डर पर यूपी के किसानों ने चंडीगढ़-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग 344 पर जाम लगाया। सुबह दस बजे धरने पर बैठे किसान शाम को चार बजे उठे और करीब छह घंटे तक रेलवे ट्रैक और राजमार्गों पर कब्जा करके रखा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि यमुनानगर-जगाधरी शहर में भारत बंद का ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया और सामान्य दिनों की तरह बाजार खुले नजर आए।
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भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी आधा घंटा तक धरनास्थल पर रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करना चाहती है और पूंजीपतियों के लिए कानून बना रही है।
उन्होंने कहा कि यह जनता वर्सेज कॉपोरेट का आंदोलन है। सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सरकार के जो भी हथकंडे होंगे हम सहन तैयार करने को तैयार है। ये आंदोलन 20 जुलाई से चल रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लोगों का विश्वास हटने लगा है। बीजेपी सरकार से अब मोहभंग हो रहा है। जो कृषि कानून बनाया गया है इससे किसान और मंडी दोनों खत्म हो जाएंगे। अभी तो ये एमएसपी पर फसल खरीद रहे हैं। लेकिन धीरे-धीरे एमएसपी को खत्म कर देंगे। क्योंकि कृषि कानून में एमएसपी का कोई जिक्र नहीं है। देशभर में इस विधेयक के विरोध में किसानों ने धरना दिया। इसके लिए किसान बधाई के पात्र हैं। भाजपा नेता कह रहे हैं कि उन्होंने किसानों के धरने की हवा निकाल दी है। यदि ऐसा है तो भाजपा नेता अब किसी भी गांव में घुस कर दिखाएं। फिर देखना किसान उनकी हवा कैसे निकालते हैं। यदि किसी भाजपा नेता ने जबरन गांव में घुसने की कोशिश की तो उसके जिम्मेदार वे खुद होंगे। इस दौरान भाकियू प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सुढैल, जिला प्रधान संजू गुंदियाना, भारतीय किसान संघ प्रदेश सदस्य विजयपाल, जगाधरी ब्लॉक प्रधान कृष्णपाल, वीरा राम, मनदीप रोड छप्पर, राजकुमार सिपियांवाला, पवन संधाए, मेम सिंह, सतनाम सिंह, कश्मीरी लाल ईश्वर बसाति, विपन, पप्पल, जस्सी, माया राम, महिंद्र, विक्रम टोपरा आदि मौजूद रहे।
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भाकियू रतनमान गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप नगला व जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में किसानों ने त्रिवेणी चौक पर सुबह दस बजे से शाम को चार बजे तक जाम लगाकर विरोधी प्रदर्शन किया। किसानों के जाम को लेकर बुबका चौक व त्रिवेणी चौक पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने किसानों के जाम को लेकर रादौर क्षेत्र में वाहनों को दूसरे रास्तों से भिजवाने की व्यवस्था की। किसानों के धरने प्रदर्शन को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने स्थिति का जायजा लिया। किसानों के आंदोलन को लेकर एसडीएम रादौर सुशील कुमार, डीएसपी रादौर रणधीर सिंह व इंस्पेक्टर पूर्णसिंह मंढान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। किसानों के धरने प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए हल्का रादौर विधायक डॉ. बिशनलाल सैनी व जिला अनाजमंडी एसोसिएशन के प्रधान शिवकुमार संधाला मौके पर पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया। इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहरलाल व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला जलाकर सरकार विरोधी नारेबाजी की। प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप नगला व जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि सरकार इस अध्यादेश को तुरंत वापिस लेेकर किसानों को उजड़ने से बचाएं। इस दौरान जयपाल चमरोडी, रमेश ढिल्लों, अशोक शर्मा खजूरी, उदय सिंह कुंजल, सतपाल मानकपुर, सुखदेव बिलासपुर, मोहनलाल, बजिंद्र सिंह राणा, मनमोहन सिंह, धर्मबीर, साहब सिंह गुर्जर, सुभाष दहिया, शिवकुमार संधाला, करनैल, जसबीर सिंह, धर्मवीर आदि मौजूद रहे। वहीं गांव खेड़ी लक्खा सिंह में दुकानदारों ने जरूर दोपहर तक बाजार को बंद रखा।
भारत बंद के समर्थन में किसानों व ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने कस्बा में रोष मार्च निकाला। रोष मार्च अनाजमंडी से शुरू होकर शिव चौक, मेन बाजार, छोटा बस स्टैड, कपालमोचन बाईपास, छछरौली मोड़, अग्रसैन चौंक से होते हुए अनाज मंड़ी बिलासपुर में स पन्न हुआ। रोष मार्च निकालते के बाद किसान अनाजमंडी बिलासपुर के गेट नंबर एक पर एकत्रित हो केन्द्र व प्रदेश सरकार की कार्यशैली को लेकर रोष प्रकट किया। इसके साथ जगाधरी बिलासपुर मार्ग पबढ बीचों बीच बैठ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों ने लगभग एक घंटे तक मुख्य मार्ग को बंद रखा। सुरक्षा को लेकर तहसीलदार तरुण सहोता व थाना प्रभारी रवि खुडीया, बलबीर राणा मौके पर मौजूद रहे।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार धीरे धीरे सभी विभागों का निजीकरण कर रही है। काले कानून के जरिए किसानों को बर्बाद किया जा रहा है। रोजगार की बात करने वाली सरकार रोजगार छीनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चाहे हमें अपनी छाती पर गोली भी क्यों ना खानी पड़े हम इन काले कानूनों का विरोध जारी रखेंगे।
इस दौरान अमृतसर-हरिद्वार स्पेशल जनशताब्दी एकमात्र ट्रेन का टाइम होता है, लेकिन रेलवे की तरफ से इसे पहले ही दो दिन के लिए रद्द किया जा चुका है। वहीं जाम की वजह से मालगाड़ी भी नहीं चली। सुबह साढ़े 10 बजे से पहले तो लगभग सभी रूटों के लिए बस चली। परंतु इसके बाद बसों को बंद कर दिया गया। यमुनानगर बस स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज मायाराम ने बताया कि सहारनपुर, दिल्ली बार्डर, चंडीगढ़, पंचकूला, हिसार, नारायणगढ़, कलेसर, ताजेवाला व गढ़ी बीरबल के लिए साढ़े 10 बजे से शाम चार बजे तक बसें बंद रही। रोजाना करीब 100 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं। सुबह तो बस स्टैंड पर चहल पहल दिखी लेकिन इसके बाद सन्नाटा पसर गया। बसें बंद रहने से यात्री परेशान रहे।
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