इनेलो के प्रधान महासचिव वीरवार को कृषि कानूनों के खिलाफ रोष प्रदर्शन में यमुनानगर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वे पीटीआई टीचरों के धरने पर भी पहुंचे और उनकी आवाज उठाने का आश्वासन दिया। साथ पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे शुक्रवार को होने वाले भारत बंद में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें। अभय चौटाला ने कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए तीन काले कानून बनाए गए हैं। जिनसे किसानों का कोई भला नहीं होने वाला।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री दुष्यंत को लेकर किए गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर चौधरी देवीलाल का पोता अपने आप को कहता है तो उसे एक मिनट भी पद पर नहीं रहना चाहिए। मैं तो दुष्यंत को ही नहीं बल्कि रणजीत सिंह को भी कहता हूं कि दोनों को आज ही इस्तीफा देकर लोगों के बीच आ जाना चाहिए। ये तो चौधरी देवीलाल के नाम पर बट्टा लगाने वाले हैं। ये किसान हितैषी नहीं किसान के दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो चौधरी देवीलाल का लगाया हुआ पौधा है। सत्ता में रहते वक्त जिस किसी ने भी किसान की अनदेखी करने की कोशिश की तो चौधरी देवीलाल ने बड़े से बड़े पद पर भी ठोकर मारने का काम किया। ये जो काले कानून जब तक खत्म नहीं होंगे, तब तक इनेलो विरोध करती रहेगी। अगर इसके लिए एक एक आदमी से भी मिलना पड़ा तो हम इसकी उनके पास जाकर इनकी पोल खोलेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सरकार किसानों पर लगे झूठे मुकदमे वापस नहीं लेती और इन तीनों अध्यादेशों पर रोक नहीं लगाती तब तक किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ये लड़ाई जारी रहेगी। इस लड़ाई को अंजाम तक लेकर जाएंगे कि सरकार को से काले कानून वापस लेने पड़े।सत्तासीन शासकों को नीतियां भी जनता के अनुकूल बनानी चाहिए। किसान जो धरती का सीना चीर कर दिनरात एक करके पूरे देश के लिए अन्न पैदा करता है उसके लिए कानून बनाने से पहले उसके हितों का ध्यान रखना अतिआवश्यक है। इनेलो देश व प्रदेश की सरकार से मांग करती है कि मंडीकरण की व्यवस्था खत्म न हो और किसानों के हित में फैसले लिए जाएं ना कि उद्योगपतियों के हक में। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रकाश भारती, प्रदेशाध्यक्ष नफेसिंह राठी, पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, जिलाध्यक्ष दलमीरा राम, नरेश सारन, सुरेश अर्जुन सुढैल आदि मौजूद रहे।