तीन अध्यादेशों और पिपली रैली में जा रहे किसानों पर लाठी भांजने और उन पर केस दर्ज करने को लेकर भाकियू का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। यह धरना प्रदर्शन 19 सितंबर तक चलेगा। भाकियू ने 20 सितंबर को प्रदेश की सड़कों पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
बुधवार को पूर्व साढ़ौरा विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजपाल भूखड़ी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और भाकियू को अपना समर्थन दिया। इस दौरान राजपाल भूखड़ी ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जो तीन अध्यादेश लागू किए हैं वह किसानों के खिलाफ हैं। जिस दिन से अध्यादेश लागू हुए हैं उसी दिन से किसान अध्यादेश के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। सरकार लाठी डंडों के जोर पर किसानों की आवाज दबाना चाहती है। सरकार किसानों की बात न सुन उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ऐसा हरगिज नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पिपली में किसानों पर लाठी भांजना बेहद शर्मनाक है। इससे पता चल जाता है कि भाजपा अपनी मनमानी कर रही है और लोगों पर इसे बलपूर्वक थोपना चाहती है। कांग्रेस किसानों के साथ है और हर आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेगी।
सचिवालय मुख्य गेट पर किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन प्रधान संजू गुदियाना ने कहा कि सरकार किसार्नों को खत्म करना चाहती है। यह तीनों अध्यादेश इसी दिशा में लिए गए कदम हैं। वहीं अब सरकार आवाज उठाने वालों को कुचलने पर तुली हुई है। पिपली रैली को लेकर किसानों पर लाठियां भांजी गई। उन्होंने कहा कि सरकार के मंसूबे किसानों को पता चल चुके हैं। अब भी सरकार नहीं मानी तो यहां धरना लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान 19 सितंबर तक यहां धरना देंगे। इसके बाद भी अगर सरकार अध्यादेशों को वापस नहीं लेती तो 20 सितंबर को हरियाणा भर की सड़कें जाम की जाएंगी। उन्होंने मांग की कि तीनों अध्यादेशों को वापस लिया जाए। किसानों पर लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारियों केेे खिलाफ कार्रवाई की जाए और किसानों पर दर्ज झूूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।