लाजपत नगर में पीने के पानी में कीड़े आ रहे है। यह समस्या एक या दो दिन की नहीं, बल्कि छह माह से है। दूषित पेयजल को पीने से कॉलोनी के लोग बीमार हो रहे हैं। इस संबंध में पब्लिक हेल्थ को कई बार लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अधिकारी आते है, मुआयना कर चले जाते है। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हुआ। इस पर बुधवार को लाजपत नगर के लोगों को गुस्सा फूट गया। गुस्साएं लोगों ने कीड़े युक्त पानी को बाल्टी में लेकर पहले बस स्टैंड के सामने जगाधरी वर्कशॉप रोड पर जाम लगाने की कोशिश की। इसके बाद रोष मार्च निकालते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंचे। यहां पब्लिक हेल्थ व नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कॉलोनी के लोगों ने पब्लिक हेल्थ व नगर निगम के अधिकारियों को जमकर कोसा। नारेबाजी की आवाज सुनकर नगर निगम सीएसआई अनिल नैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कॉलोनीवासियों को समझाया। फोन पर पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन सुमित गर्ग से बातचीत कर मौके का मुआयना करवाकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कॉलोनी के लोग नगर निगम कमिश्नर धर्मवीर सिंह से मिले। कमिश्नर धर्मवीर सिंह ने पब्लिक हेल्थ एक्सईएन सुमित गर्ग को मौके पर बुलाकर समस्या से अवगत करवाया और त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए। जिसके बाद लोग शांत हुए।
घरों में आ रहे कीड़े युक्त पानी की समस्या का लेकर लाजपत नगर के करीब 80 से अधिक लोग, महिलाएं व बच्चे बुधवार सुबह करीब 10 बजे कॉलोनी के बाहर एकत्रित हुए। वर्कशॉप रोड पर एकत्रित होकर यहां उन्होंने जाम लगाने का प्रयास किया। लेकिन कुछ मौजिज लोगों ने उन्हें समझाया और निगम कार्यालय जाकर प्रदर्शन करने की बात कहीं। इसके बाद सभी लोग करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल रोष मार्च निकालते हुए नगर निगम यमुनानगर कार्यालय में पहुंचे। यहां उन्होंने पब्लिक हेल्थ व नगर निगम कार्यालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी
कालोनी वासी राजेश, लाल बहादुर, हीरा लाल, सुनीता, दूर्गा, मंजू, सुमित आदि ने बताया कि पिछले एक साल से कॉलोनी में गंदे पानी की समस्या है। छह माह से हालात बहुत की अधिक गंभीर है। मोटर चलाने पर तो कई बार गंदगी बहुत अधिक मात्रा में आ जाती है। पानी के साथ मल भी आता है। अब तक हालात ये है कि पेयजल में लंबे लंबे कीड़े आ रहे है।
पेयजल की समस्या के संबंध में वे कई बार निगम कार्यालय और पब्लिक हेल्थ कार्यालय में शिकायतें दे चुके है। लेकिन दोनों विभाग कार्रवाई करवाने की बजाय इसकी जिम्मेदारी एक दूसरे पर डालते है। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों का कहना होता है कि अब यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा की जाएगी। उधर, नगर निगम के अधिकारी बोलते है, अभी हमारे पास यह चार्ज नहीं आया है। दोनों विभागों के बीच खामियाजा आम जनता का भुगतना पड़ रहा हैं।
दूषित पेयजल पीने से अधिकतर लोग बीमार:
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उनके घरों में कीड़ों वाला पानी सप्लाई हो रहा है। दूषित पेयजल पीने से कॉलोनी के काफी संख्या में लोग बीमार है। सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। लोगों में डायरिया, पीलिया, हैजा व पेट की अन्य बीमारी है।
निगम में कालोनी वासियों को प्रदर्शन करते देख पहले सीएसआई अनिल नैन ने लोगों को समझाया। उन्होंने पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर मौके का मुआयना कर लोगों को समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। लेकिन लोग संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद वे कमिश्नर धर्मवीर सिंह से मिले। कमिश्नर धर्मवीर ने फोनकर पब्लिक हेल्थ एक्सईएन सुमित गर्ग को मौके पर बुलाया। लोगों से लिखित में शिकायत ली गई। जिसके बाद अधिकारियों ने कॉलोनी में पेयजल की पाइप लाइन डालने व लीकेज की जांच कर ठीक करने का आश्वासन दिया।