ओवरलोड व अवैध खनन के खिलाफ रविवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। गुमथला गांव में पहले महापंचायत का आयोजन किया गया। उसके बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण यमुनानगर-करनाल रोड पर जाम लगाकर बैठ गए। ग्रामीणों ने ओवरलोड के खिलाफ नारेबाजी की और खनन माफिया वापस जाओ के नारे लगाएं। सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई। जाम में फंसे वाहन चालक अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिये दूसरे रास्तों से जाते नजर आये। प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग के एक्सईन शेर सिंह व डीएसपी रादौर कुशलपाल राणा, थाना जठलाना प्रभारी इंस्पेक्टर ललित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के एक्सईन के समक्ष यमुना नदी के घाटों पर अवैध खनन होने, घाटों पर ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से बांध बनाकर यमुना की धारा को मोड़ने के अलावा किसानों के लिये यमुना पार जाने को लेकर सिंचाई विभाग की ओर से अस्थाई रास्ता बनाने की मांग की गई। ग्रामीणों ने सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। एक्सईन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि यमुना पर बनाये गये अवैध बांधों को तुड़वाया जाएगा। वहीं यमुना पार जाने के लिये अस्थाई रास्ता बनाने के लिये जिला उपायुक्त से बात की जाएगी। अब सोमवार को किसान व अधिकारी जिला उपायुक्त से मिलेंगे।
पूर्व जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला, एडवोकेट वरयाम सिंह व पूर्व सरपंच गुमथला सुरजीत सिंह भूरा के नेतृत्व में महापंचायत आयोजित की गई। जिसमें ग्रामीणों ने ओवरलोड, अवैध खनन व अन्य समस्याओं को लेकर नारेबाजी की। महापंचायत में क्षेत्र के लोगों ने सरकार व प्रशासन पर अनदेखी किये जाने के आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो यमुना का अस्तित्व खत्म हो जाएगा और सरस्वती की तरह यमुना भी लुप्त हो जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में ओवरलोड बड़ी समस्या बन गया। रेत से लदे वाहन दिन रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें क्षमता से कई गुणा अधिक रेत भरा जाता है। ऐसे वाहनों के कारण सड़क के टूट रही है और हादसे भी बढ़ रहे हैं। स्कूली बच्चों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। एक भी सड़क चलने लायक नहीं रही है। ग्रामीण खौफ में हैं, लेकिन शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-ग्रामीणों का आरोप है कि यमुना में अवैध खनन कर नदी का प्राकृतिक बहाव बाधित किया जा रहा है। इसकी वजह से क्षेत्र में भारी नुकसान हो रहा है। प्रशासनिक अधिकारी ठेकेदारों के दबाव में काम कर रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती।
ग्रामीण निशान सिंह, सुरेन्द्र कुमार, बलिन्द्र कुमार, राजेश, अमीलाल, विमल, विनोद, सतपाल, बृजेश, जितेन्द्र मेहता, रिंकू राणा, रामकुमार, बुटा सिंह, मेनपाल, तिलकराज, रविन्द्र सिंह, अरमनाथ गोरा आदि ने बताया कि रादौर क्षेत्र के हजारों किसानों की भूमि यमुना पार है। यमुना पार अपने खेतों में जाने के लिये 50 से 60 किलोमीटर का रास्ता तयकर उत्तरप्रदेश के रास्ते जाना पड़ता है। उनकी मांग है कि प्रशासन यमुना नदी में अस्थाई रास्ता बनाने का काम करें।
जिले में ओवरलोड की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया है। कई बार इसके खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित कर प्रशासन और सरकार का ध्यान दिलवाया गया। जिस पर अधिकारी कुछ समय के लिए तो कार्रवाई करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से स्थिति ज्यों कि त्यों हो जाती है। अब गुमथला के ग्रामीणों ने ओवरलोड के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
ओवरलोड पर समय समय पर कार्रवाई की जाती है। इस बारे में आरटीए विभाग के साथ तालमेल करके वाहनों की जांच की जाएगी।-कुशलपाल राणा
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