शहर के एक बड़े नेता के कारोबारी रिश्तेदार के घर काम करने वाली नौकरानी को रात के अंधेरे में सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज कर कथित भाई के साथ भेज दिया गया। इस नौकरानी ने पिछले दिनों अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। इसे गुपचुप तरीके से अस्पताल प्रबंधन और पुलिस ने उसे कार से भेजा। कथित भाई प्रसूता को लेकर कहां गया, इस बारे में किसी भी अधिकारी के पास कोई जानकारी नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वीरवार को कांग्रेस नेत्री निर्मल चौहान की अगुवाई में काफी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने पुलिस व प्रशासन पर आरोप लगाया कि एक बड़े नेता के रिश्तेदार परिवार से मामला जुड़ा होने के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने दी गई और युवती के साथ अन्याय किया जा रहा है।
तथ्य छिपाकर पीड़िता पर बनाया दबाव
निर्मल चौहान ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि झारखंड की रहने वाली लड़की नाबालिग है और वह दो साल से कारोबारी के घर काम करती थी। इस दौरान ही वह गर्भवती हो गई और दिवाली की रात उसकी डिलीवरी हुई। राजनीतिक दबाव के चलते जानबूझ कर तथ्य छिपाएं गए। यहां तक की रात के अंधेरे में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने तो जांच की और न ही किसी से पूछताछ की। आनन-फानन में केस को रफा दफा कर दिया। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच की जाएं।
दबाव में काम कर रही पुलिस
-पत्रकारों से बातचीत में निर्मल चौहान ने आरोप लगाया कि पुलिस व अन्य संबंधित अधिकारियों पर काफी दबाव डाला गया। जिसके चलते युवती की उम्र को ज्यादा दर्शाया गया। यहां तक की किसी व्यक्ति की जांच पड़ताल किए बिना ही उसे भाई बताकर प्रसूता को उसके साथ भेज दिया गया। पूरा मामला संदिग्ध है, इसके बावजूद न डीएनए करवाया गया और न ही एफिडेविट की जांच की गई। यहां तक की अविवाहित युवती को विवाहिता बता दिया। जबकि उसके पति के बारे में किसी को कुछ पता ही नहीं है। बुधवार को वह प्रसूता से मिली थी, तभी उसे संदेह हो गया था कि अब इसे रात को ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। वहीं हुआ, जिसकी आशंका थी।
ये है पूरा मामला
-एक बड़े कारोबारी के घर पर रहने वाली नौकरानी ने दिवाली के दिन एक बच्ची को जन्म दिया था। तब इस युवती को अविवाहित और नाबालिग बताया गया था। मामले की जांच के लिए सीडब्लयूसी व चाइल्ड लाइन की टीम सामने आई। मामला मीडिया में आया तो अगले ही दिन डॉक्टरों ने मेडिकल परीक्षण में उसे बालिग बता दिया। जिसके बाद सीडब्लयूसी मामले से अलग हो गई। उसी दिन शाम को प्रसूता का कथित भाई सामने आया। प्रसूता और उसके भाई ने तुरंत एफिडेविट देकर उसे विवाहित बता दिया। अब रात के अंधेरे में प्रसूता को डिस्चार्ज करने के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इन सवालों का जवाब नहीं
-प्रसूता और उसके भाई को किसी से मिलने नहीं दिया गया।
-बिना ठोस वजह के प्रसूता व भाई से तुरंत एफिडेविट लिया।
-प्रसूता के कथित भाई की वेरिफिकेशन में जल्दबाजी की गई।
-पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने प्रसूता के बयान भी नहीं करवाये।
-शाम को डिस्चार्ज स्लीप बनाई और रात को अंधेरे में भाई के साथ भेज दिया।
-प्रसूता ने एफिडेविट देकर स्वीकारा है कि वह विवाहित है। उसका भाई प्रसूता को अपने साथ ले गया है। वह अपनी मर्जी से किसी के साथ भी जाने को स्वतंत्र है।-सुभाषचंद, डीएसपी हेडक्वार्टर
-डॉक्टरों के बोर्ड ने प्रसूता का मेडिकल जांच की। तथ्यों के आधार पर उसकी उम्र 18 से 21 वर्ष की पाई गई। डॉक्टरों ने शाम को ही उसे डिस्चार्ज कर दिया था। वह रात के समय अपनी मर्जी से भाई के साथ गई है। -डॉ. विजय दहिया, कार्यवाहक सिविल सर्जन