संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। श्री खेड़ा मंदिर लंगर हाल में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा व्यास स्वामी श्यामानंद महाराज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को जीवन में काम, क्रोध, मोह और लोभ इत्यादि विकारों से दूर रहना चाहिए। यही विकार व्यक्ति को धर्म और सत्य के मार्ग से भटका देते हैं।
उन्होंने कहा कि सच्चे मन से प्रभु भक्ति और अच्छे संस्कार अपनाने वाला व्यक्ति ही जीवन को सफल बना सकता है। समाज में महिलाओं का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। पराई स्त्री को मां और बहन के समान समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान करता है और सदाचार का पालन करता है, वहीं सच्चे अर्थों में धार्मिक कहलाने योग्य है।
उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ने का आह्वान किया। कथा व्यास ने माता शबरी की भक्ति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भक्ति में सच्चाई, समर्पण और प्रेम होना चाहिए। भगवान श्रीराम माता शबरी की निष्कपट भक्ति से इतने प्रभावित हुए कि स्वयं उनकी कुटिया में पहुंचे और प्रेमपूर्वक अर्पित किए गए बेर ग्रहण किए।
उन्होंने बताया कि भगवान दिखावे के नहीं बल्कि सच्चे भाव के भूखे होते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अहंकार छोड़कर सेवा, दया और प्रेम का भाव अपनाना चाहिए। कथा में भजनों पर श्रद्धालु थिरकने पर विवश हो गए। इस दौरान सरपंच कीर्ति खुराना, अनुकृति खुराना, समाजसेवी पंकुश खुराना, पंच संदीप कुमार, अशोक धीमान, डॉ. सुभाष, जगदीश अरोड़ा, राजू मंगला, मोहन गर्ग सहित अन्य उपस्थित रहे।