प्रदीप कांबोज
रादौर। जर्जर बिजली तार और क्षतिग्रस्त स्मार्ट मीटर आमजन के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। सड़कों के किनारे वर्षों पुराने बिजली के तार जगह-जगह लटक रहे हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और तेज हवा के दौरान स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। कई स्थानों पर तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शहर के कई मोहल्लों में लगे स्मार्ट मीटर भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अनेक मीटर नीचे लगाए गए हैं, जिससे छोटे बच्चों और आवारा पशुओं के करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई मीटरों के बॉक्स टूटे हुए हैं और उनमें से बिजली के तार खुले दिखाई देते हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर तारों को बदलने और खराब मीटरों की मरम्मत या बदलने के लिए कोई स्थायी कदम नहीं उठाया गया है। इससे लोगों में निगम की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि बिजली निगम पूरे शहर का सर्वे कराकर जर्जर बिजली तारों को तुरंत बदले और क्षतिग्रस्त स्मार्ट मीटरों को ऊंचाई पर स्थापित करे।
लोगों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। वहीं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने की अपील की है।
जर्जर तार और क्षतिग्रस्त स्मार्ट मीटरों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत की। अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। लोगों ने निगम से जल्द जर्जर तार बदलने और खराब मीटरों की मरम्मत या प्रतिस्थापन कराने की मांग की है, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके। संवाद
अघोषित कटौती से लोग परेशान
भीषण गर्मी के बीच जर्जर बिजली तार और अघोषित बिजली कटौती लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। पुराने तारों में बार-बार शॉर्ट सर्किट होने से कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बिजली निगम से जर्जर तार बदलने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
खराब स्मार्ट मीटरों से आ रहे गलत बिजली बिल
खराब और क्षतिग्रस्त स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए नई परेशानी बन गए हैं। लोगों का कहना है कि मीटर सही रीडिंग दर्ज नहीं कर रहे, जिससे कई बार वास्तविक खपत से अधिक बिजली बिल आ जाता है। गलत बिलों के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने बिजली निगम से खराब मीटरों को जल्द बदलने और बिलों की जांच कराने की मांग की है।
जर्जर बिजली तार और खराब स्मार्ट मीटर लंबे समय से परेशानी का कारण बने हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। बिजली निगम को तत्काल समाधान करना चाहिए। - दिनेश कुमार।
बिजली के खुले तार और क्षतिग्रस्त मीटर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए इन्हें तुरंत बदलना आवश्यक है। - डॉ. गुरदीप शर्मा।
खराब स्मार्ट मीटरों की वजह से कई बार गलत रीडिंग आती है और जरूरत से ज्यादा बिजली बिल भरना पड़ता है। निगम को मीटरों की जांच कर खराब मीटर तुरंत बदलने चाहिए। - मुकेश।
गर्मी के मौसम में जर्जर तारों के कारण शॉर्ट सर्किट और अघोषित बिजली कटौती बढ़ जाती है। इससे आमजन को भारी परेशानी होती है। बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाना चाहिए। - राजीव आर्य।
दिनेश कुमार
दिनेश कुमार
दिनेश कुमार
दिनेश कुमार
दिनेश कुमार