यमुनानगर। एक तो मंदी का दौर, ऊपर से अब मौसम की मार। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड ने एक ओर जहां जनजीवन प्रभावित कर रखा है, वहीं बर्तन नगरी का कारोबार भी ठंडा पड़ गया है। उद्यमियों की माने तो कारोबार 40 फीसदी कम हो गया है।
इससे बर्तन कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जगाधरी में देश का बड़ा बर्तन उद्योग है। यहां छोटी-बड़ी करीब एक हजार बर्तन बनाने की इकाइयां हैं। यहां से बने बर्तनों की विभिन्न राज्यों में आपूर्ति की जाती है। जम्मू, हिमाचल व उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में भी जगाधरी से ही बड़ी मात्रा बर्तन भेजे जाते हैं।
अब इन क्षेत्रों में बर्फबारी की वजह से आवाजाही रुक गई है। जिसके चलते ऑर्डर भी कम हो गए हैं और यह इंडस्ट्री मंदी की चपेट में है। द मेटल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है कि इस वक्त व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ठंड के कारण बाजार सुनसान पड़ा है। ऐसे में लोग अपने घरों से निकलने के लिए गुरेज कर रहे हैं। वहीं महंगाई ने भी कमर को तोड़ कर रख दी है। उन्होंने बताया कि माल की बिक्री पर 12 फीसदी और कच्चे माल पर 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ रहा है।
सरकार को जीएसटी को कम करना चाहिए। वहीं, बर्तन नगरी के अलावा यहां बने प्लाईवुड उद्योग पर भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान जेके बिहानी ने बताया कि ठंड के कारण फैक्ट्री में आने वाली लकड़ी गिली है और यहां तक फैक्ट्री के अंदर पड़े पत्ते धूप न निकलने के कारण सुख नहीं पाते। ऐसे में माल को तैयार कर रखा जा रहा है।