संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर (यमुनानगर)। अपनी नौकरी से चार साल पहले वीआरएस लेकर भाजपा में शामिल हुई डीईओ सुमन बहमनी की जाति को लेकर किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल कर दी। पोस्ट वायरल करने वाले ने आरोप लगाया है कि सुमन बहमनी जन्म से अनुसूचित जाति से नहीं हैं।
उन्होंने अनुसूचित जाति के लड़के से शादी करने के बाद अपनी जाति बदल ली। इसका पता लगने पर सुमन बहमनी ने पोस्ट वायरल करने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह पांच भाई बहन हैं और जन्म से ही अनुसूचित जाति से हैं। यहां तक की उनके पिता टेकचंद तूर जो की पूर्व में जेल सुपरिटेंडेंट भी रहे हैं। वह भी अनुसूचित जाति से संबंधित थे।
सुमन बहमनी ने कहा कि उन्हें भाजपा में शामिल हुए अभी दो दिन ही हुए हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए किसी ने इतना बड़ा कदम उठा दिया। जब उन्होंने यह पोस्ट देखी तो वह भी हैरान रह गई। राजनीति इतनी गंदी हो सकती है यह उन्हें नहीं पता था। उन्होंने कहा कि जब से यह बात सामने आई है कि भाजपा उन्हें साढौरा विधानसभा से चुनाव लड़वा सकती है तब से विरोधी उन्हें बदनाम करने की साजिश करने में लग गए हैं।
ऐसी झूठी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगी। सुमन बहमनी ने जब यह पोस्ट देखी तो वह कस्बा के महर्षि वेद व्यास भवन में आयोजित बैठक में लोगों से जनसंपर्क कर रही थी। सुमन बहमनी राजकीय आदर्श संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर में 18 वर्ष बतौर प्रिंसिपल सेवाएं देने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी बनी थी। इसी सप्ताह उन्होंने वीआरएस ली है। दो दिन पहले वह भाजपा में शामिल हो गई थी। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि भाजपा उन्हें साढौरा विधानसभा से चुनाव मैदान में उतार सकती है।