यमुनानगर। खेत में तालाब की खुदाई कर मत्स्य पालन करने को लेकर सरकार से अनुदान लेने और इसके बाद तालाब को लीज पर देने का मामला सामने आया है। जिला मत्स्य अधिकारी की शिकायत पर रादौर थाने में पिता-पुत्री के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जिला मत्स्य अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य किसान विकास एजैंसी यमुनानगर ने थाना प्रबंध रादौर को एक शिकायत दी। उनका कहना है कि वर्ष 2021 में सेवक सिंह उनके कार्यालय में आया और प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में जानकारी ली। उसने अपने दस्तावेज भी दिखाए। जिस पर अधिकारी ने कहा कि सरल पोर्टल पर आवेदन कर दो। इसी बीच वह दोबार कार्यालय में आया और कहा कि महिलाओं को 60 फीसदी अनुदान मिलता है। जिस कारण वह अपनी पुत्री या पुत्रवधु के नाम पर जमीन का मुख्तयार नामा कर देगा। जिससे उसे अधिक अनुदान मिल जाएगा। कुछ दिन बाद उसने अपनी पुत्री के नाम पर मुख्तयारनामा कर सरल पोर्टल पर आवेदन किया। तालाब खुदाई के लिए 243960 रुपये और खाद - खुराक का अनुदान 153600 रुपये उसकी पुत्री सर्वजीत कौर के खाते में दे दिए। इसके बाद एक अन्य युवक उनके पास आया और खाद खुराक के अनुदान की बात की। जब उसने जानकारी ली तो पता चला कि उसने तालाब को लीज पर दिया है। जबकि, योजना के तहत तालाब को लीज पर नहीं दिया जा सकता। फर्जी तरीके से अनुदान की धनराशि ली गई है। सेवक सिंह से पैसे वापस मांग तो उसने विभाग की शिकायत करनी शुरू कर दी।कई बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई। जिसकी जांच भी हुई। इस मामले में जिला मत्स्य अधिकारी अजय सिन्हा की शिकायत पर केशव सिंह और उनकी बेटी के खिलाफ धोखाध़डी का केस दर्ज किया गया है।
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