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प्रदूषण पर देर से जागा प्रशासन, फायरब्रिगेड से कराया पानी का छिड़काव

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प्रदूषण से पेड़ों के पत्तों पर जमी मिट्टी को फायर ब्रिगेड से धोते दमकल कर्मी - फोटो : Yamuna Nagar
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प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए मुख्य सचिव केसनी आनंद अरोड़ा ने जिले के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। विडियो कांफ्रेंस के जरिए उन्होंने कहा कि बिगड़ता प्रदूषण किसी भी हालत में मंजूर नहीं किया जाएगा, अधिकारी हर हाल में अपने-अपने क्षेत्र में पर्यावरण को बढ़ावा दें। इसके लिए संबंधित अधिकारी दिन-रात एक कर काम करें। हमें परिणाम चाहिए कागजी रिपोर्ट नहीं। उन्होंने प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्य सचिव के निर्देश पर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और तुरंत फायरब्रिगेड की गाड़ियों को सड़कों पर दौड़ा कर छिड़काव करवाया। साथ ही पत्तों पर जमी धूल को हटवाने के लिए पेड़ पौधों पर भी पानी की बौछार करवाई गई। विडियो कांफ्रेंस में जिला राजस्व अधिकारी अभिषेक, डीडीपीओ शंकर लाल, उप कृषि निदेशक डॉ. सुरेन्द्र यादव सहित अन्य कृषि अधिकारी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव ने दिए निर्देश
बढ़ते स्मॉग प्रदूषण को रोकने के लिए पराली व कचरा जलाने वालों के चालान काटें जाएं।
संबंधित अधिकारी टीम का गठन करके नाईट पेट्रोलिंग करवाएं।
पराली जलाने वाले गांवों की पहचान की जाएं।
ग्राम सभाओं का आयोजन करके किसानों को पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक करें।
शहरी क्षेत्र में कचरा जलाने पर पूरी निगरानी बरतें अधिकारी।
प्रतिदिन शाम को सरपंचों, ग्राम सचिवों व पटवारियों से पराली जलाने के बारे में रिपोर्ट लें।
पराली जलाने की सूचना देने वालों को नगद राशि देकर सम्मानित किया जाए।
फैक्ट्ररियों के धुएं पर नियंत्रण रखने और निर्माण कार्यों में लगी मशीनरी के प्रदूषण को नियंत्रण रखें।
गांव स्तर तक बनाई टीम
उप मंडल स्तर पर भी एसडीएम के नेतृत्व में टीम बनाई गई है, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हैं। खंड स्तर पर खंड कृषि अधिकारी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी और नायब तहसीलदार शामिल हैं। गांव स्तर पर टीम में कृषि विकास अधिकारी, पटवारी व ग्राम सचिव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन के दौरान ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।
केवल सात एफआईआर
अब तक खेतों में पराली जलाने के दोष में जिले के 7 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है तथा इनसे 55 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि दूसरे जिलों में काफी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है।
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दो टोल फ्री नंबर जारी
कंट्रोल रूम में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं की जानकारी देने के लिए दो टोल फ्री फोन नम्बर-01732-237816 व 01732-298096 स्थापित किए गए हैं। जिन पर कोई भी व्यक्ति खेतों में पराली जाने की घटना की जानकारी दे सकता है।
पेड़ों की भी पानी से की गई सफाई
सोमवार को फायर बिग्रेड द्वारा यमुनानगर-जगाधरी शहर में सड़कों के किनारे लगे पेड़-पौधों की पानी से सफाई करने का काम शुरू किया गया। ताकि पेड-पौधों की सफाई से गंदगी दूर हो जाए और भरपूर मात्रा में आक्सीजन मिल सके।इसके अतिरिक्त नगर निगम क्षेत्र में कूड़ा-कर्कट जलाने, फैक्ट्ररियों के धूएं को नियंत्रण करने तथा चल रहे निर्माण कार्यों में प्रयोग हो रही मशीनरी के प्रदूषण व सामग्री के प्रदूषण पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। कूडा-कर्कट निर्धारित डम्पिंग स्थानों पर ही डालने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए गए हैं।
पराली जलाने वालों पर निगरानी के लिए कृषि विभाग द्वारा जिला, उपमंडल, खंड व गांव स्तर पर टीमों का गठन किया जा चुका है। जिला स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में टीम गठित की गई हैं और इसमें जिला राजस्व अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी और विभाग के उप निदेशक सदस्य हैं। आमजन से अपील है कि वे पराली ना जलाएं और ओपन बर्निंग से भी बचें।-मुकुल कुमार, डीसी
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