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‘तीसरी आंख’ करेगी टिवनसिटी की रखवाली, फुटेज देखकर तुरंत होगा एक्शन

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रेलवे रोड स्थित बाजार में फल विक्र्तेताओं द्वारा फ्रूट बॉक्स से निकली पराली में लगाई गई आग। - फोटो : Yamuna Nagar
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शहर में दिवाली के बाद से ही वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक बनी हुई है। लगातार तीसरे दिन धुंध की चादर छायी रही। टिवनसिटी अभी भी प्रदूषित शहर बना हुआ है। वीरवार को एक्यूआई यानी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 345 रहा जो सामान्य से छह गुना ज्यादा है।
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पीएम 2.5 का न्यूनतम स्तर 309 व अधिकतम 397 दर्ज किया गया। वहीं पीएम 10 का न्यूनतम स्तर 214 व अधिकतम स्तर 415 क्यूबिक प्रति घन मीटर रहा। पीएम 10 का एआईक्यू 305 रहा। यह स्तर सामान्य से तीन गुना ज्यादा है। प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। वहीं जिले में किसान पराली तो जला ही रहे हैं, वहीं शहर में दुकानदार और रेहड़ी वाले ओपन बर्निंग कर रहे हैं। साथ ही फैक्ट्रियों की चिमनी से निकलने वाले खतरनाक धुएं से प्रदूषण लेवल बढ़ रहा है।
हवा की खराब क्वॉलिटी का हमारे श्वसनतंत्र के साथ-साथ हृदय, फेफड़े, लिवर और शरीर के दूसरे अंगों पर भी बुरा असर पड़ता है। स्मॉग की वजह से आंख, गला, बाल के साथ-साथ स्किन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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ये है स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
- सुबह सैर पर जाने से बचें और खाली पेट सैर पर न जाएं।
-बाहर मास्क का प्रयोग करें, चेहरे पर रुमाल या कोई साफ कपड़ा बांधे।
-फिलहाल घर पर ही एक्सर्साइज करें, बाहर वर्कआउट करने से बचें।
-घर के आसपास धूल जमा हो तो पानी का छिड़काव करें।
-बाहर से घर लौटते ही आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
-सांस, अस्थमा के मरीज और छोटे बच्चों को घर से बाहर न जाने दें।
-घर के आसपास न तो कूड़ा जलाएं और न किसी और को जलाने दें।
-निर्माणाधीन स्थलों पर रेत, सीमेंट, बालू आदि को खुला न छोड़ें।
वर्जन
-वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण लोगों को सांस लेने व गले में परेशानी होती है। शरीर में कोई भी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरों की सलाह को अमल में लाएं और घर से बाहर निकलें तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलें।-डॉ. विजय दहिया, कार्यवाहक सिविल सर्जन
जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। हिसार स्थित हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र की तरफ से रोजाना जिला प्रशासन और कृषि अधिकारियों क्रॉप बर्निंग की सैटेलाइट इमेज व रिपोर्ट भेजी जा रही है। जिसके आधार पर कृषि अधिकारी बताई गई लोकेशन पर जाकर संबंधित किसानों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाते हैं। केंद्र की रिपोर्ट के आधार पर जांच के बाद कृषि विभाग की तरफ से सात जगहों पर क्रॉप बर्निंग की एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है। जबकि 10 किसानों के चालान काटे जा चुके हैं। हालांकि इसके बावजूद भी किसान नहीं मान रहे और लगातार विभिन्न क्षेत्रों में पराली जलाई जा रही है।
यहां जल रही है ज्यादा क्रॉप
जिले में सबसे ज्यादा सरस्वती नगर, बिलासपुर, रादौर और जठलाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा क्रॉप बर्निंग यानि पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा छछरौली और हरियाणा से सटे सहारनपुर जिले में भी पराली जलाई जा रही है। हरसैक की तरफ से करीब पौने दो सौ जगह पर क्रॉप बर्निंग बारे रिपोर्ट मिली थी। जिनमें से अधिकतर की लोकेशन ट्रेस हो गई। करीब 50 लोकेेशन ट्रेस नहीं हो पाई।
परानी जलाने से रोकने के लिए अधिकारियों की टीम फिल्ड में है। हरसैक से मिली रिपोर्ट और सैटेलाइट इमेज के आधार पर लोकेशन ट्रेस करके किसानों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा किसानों को जागरूक करने को लेकर लगातार सेमीनार किए जा रहे हैं। किसानों से अपील है कि वे किसी भी सूरत में पराली ना जलाएं। डॉ. सुरेंद्र यादव, कृषि उपनिदेशक
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