पानी को दिल्ली पहुंचने में लगते हैं 72 घंटे
जिले के प्रतापनगर स्थित हथिनी कुंड बैराज से दिल्ली की दूरी करीब 200 किलोमीटर है। बैराज से दिल्ली तक पानी पहुंचने में लगभग 72 घंटे लगते हैं। सिंचाई उद्देश्यों के लिए इसकी आधारशिला 12 मई 1994 को रखी गई थी। उस समय पांच राज्यों के मुख्यमंत्री थे, जिनमें हरियाणा से भजन लाल, उत्तर प्रदेश से मुलायम सिंह यादव, राजस्थान से भैरों सिंह शेखावत, दिल्ली से मदन लाल खुराना व हिमाचल प्रदेश से वीरभद्र सिंह मौजूद थे।
इसका निर्माण 1996 में शुरू हुआ। बनने के बाद इसका उद्घाटन 1999 में हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसी लाल ने किया था। बैराज पर हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी को नियंत्रित किया जाता है। बैराज की लंबाई 360 मीटर है और इसमें 18 फ्लड गेट हैं। बैराज के निर्माण पर करीब 168 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
17 जून 2013 को बैराज से 806464 क्यूसेक, 28 जुलाई 2018 को 805949 क्यूसेक, 18 अगस्त 2019 को 828072 क्यूसेक दर्ज किया जा चुका है। दिल्ली की लगभग 60 जल आपूर्ति हथिनी कुंड बैराज से होती है। बैराज यमुनानगर, करनाल और पानीपत के क्षेत्रों को फायदा पहुंचाता है। वहीं यूपी में सहारनपुर, शामली और बागपत के कुछ हिस्सों में जलापूर्ति करता है। बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने से बैराज के टूटने का खतरा रहता है।
केजरीवाल अपनी नाकामी छिपा रहे हैं : कंवरपाल
शिक्षा एवं वन मंत्री कंवरपाल ने बताया कि यमुना नदी प्राचीन काल से अपने प्राकृतिक बहाव में हिमाचल, हरियाणा व दिल्ली से बह रही है। इसका निर्माण भाजपा, आम आदमी पार्टी ने नहीं किया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार हथिनी कुंड बैराज से केवल राज्यों को पानी का बंटवारा होता है। यदि हिमाचल के पहाड़ों से पानी ज्यादा आ गया और बैराज के गेट बंद कर दिए तो यह टूट जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद तो दिल्ली को बारिश से बचाने के लिए कोई काम नहीं किया और अब ठीकरा हरियाणा पर फोड़ रहे हैं। इससे पहले उन्हें तथ्यों को परख लेना चाहिए था। जो वीडियो बनाया गया है उसे देख कर लगता है कि वह जानबूझ कर बनवाया गया है।
आरोप लगाना केजरीवाल की आदत : विज
गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आदत में शामिल है कि दूसरों पर आरोप लगाओ। उन्होंने कहा कि पानी का तो स्वभाव है ऊपर से नीचे ही जाएगा और हथिनी कुंड से दिल्ली काफी नीचे है।
विज शनिवार को दिल्ली में यमुना के जलस्तर बढ़ने को लेकर केजरीवाल के बयान के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। गृहमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में भी बाहर से हिमाचल प्रदेश और पंजाब से पानी आया है, लेकिन हम दोषारोपण नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि हम इस पानी की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल तो बहुत समझदार हैं, बहुत बुद्धिमान हैं, वह पानी का स्वभाव ही बदल दें, जिससे कि पानी नीचे न आए बल्कि ऊपर ही चला जाए। दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री के बयान के संबंध में पूछे सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि यमुना के किनारे हरियाणा के भी शहर और गांव है, उनमें भी उतना ही पानी आया है। दिल्ली तो सिर्फ छह किलोमीटर है, दिल्ली से निकलने के बाद यमुना का पानी हरियाणा में ही जाता है, अन्यथा क्या हम जानबूझकर अपने ही जिलों में पानी छोड़ेंगे।