संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। गांव कोट माजरी में सोमवार की रात खैर की लकड़ी की तस्करी के आरोप में नामजद परविंद्र सिंह को पकड़ने गई छछरौली थाने की पुलिस की टीम पर हमला हो गया। पुलिस टीम ने परविंद्र को पकड़ लिया था। इसकी भनक लगते ही उसके परिवार के लोग पहुंच गए और उन्होंने पुलिस टीम पर ईंटें बरसानी शुरू कर दी। इससे डायल-112 पर तैनात एसपीओ जगमाल के सिर भी ईंट लगी, जिसमें वह घायल हो गए।
पुलिस की ओर से पकड़े परविंद्र ने थाना प्रभारी रोहताश की अंगुली दांतों से काट ली, जिसमें प्रभारी के अंगुली का नाखून उखड़ गया। आरोप है कि पुलिस से छूटकर परविंद्र ने कट्टे से गाली चलाई, जिसमें थाना प्रभारी ने पीछे हटकर जान बचाई।
मौके से पुलिस ने परविंद्र के परिवार के चार लोग गिरफ्तार किए। बाद में दो महिलाओं सहित छह लोगों को आर्म्स एक्ट, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में नामजद कर लिया।
थाना प्रभारी रोहताश में बताया कि कोट माजरी निवासी परविंद्र सिंह उर्फ पिंदा खैर तस्करी के कई मामलों में नामजद है। उस पुलिस तलाश कर रही थी। सोमवार शाम सूचना मिली कि परविंद्र अपने गांव की गली में घूम रहा है। रोहताश ने बताया कि परविंद्र की गिरफ्तारी के लिए वह पुलिस टीम के साथ कोट माजरी पहुंचे। यहां पहुंचकर परविंदर सिंह को पकड़ लिया।
इस बात का पता लगने पर परविंद्र के पिता राजवीर, मां निर्मल, बहन परमिंद्र कौर, चाचा कुलवंत सिंह व उसका बेटा दिलीप वहां पहुंच गए। यह लोग पुलिस टीम पर ईंटें फेंकने लगे। परिवार की ओर से पुलिस टीम पर हमला करने के दौरान परविंद्र ने उनकी (रोहताश) उंगली मुंह में डाल कर दांतों से काट ली। इसमें अंगुली का नाखून उखड़ गया। परविंद्र पुलिस से छूटकर गांव से भाग गया।
आरोप है कि जाते समय कट्टे से पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। परविंद्र के परिवार की ओर से फेंकी गई ईंटों में एक ईंट डायल-112 पर तैनात एसपीओ जगमाल के सिर में लगी, वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
जगमाल और वह (रोहताश) अस्पताल उपचार के लिए पहुंचे। बाद में थाने में आरोपियों पर मामला दर्ज कराया। इसमें परविंद्र सिंह, उसके पिता राजवीर, मां निर्मल कौर, बहन परमिंद्र कौर, चाचा कुलवंत व उसका बेटे दलीप उर्फ बंटी को नामजद किया।
इनमें निर्मल कौर, परमिंद्र कौर, कुलवंत, दलीप उर्फ बंटी गिरफ्तार कर लिए हैं, जिन्हें बुधवार (आज) कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोप है कि परविंद्र के परिवार के लोग पुलिस टीम पर हमला करने के दौरान ललकारते हुए कह रहे थे कि वह परविंदर को गिरफ्तार करके नहीं ले जाने देंगे, चाहे पुलिसवालों को जान से ही क्यों ना मारना पड़े।
उल्लेखनीय है कि तस्कर यमुनानगर के जंगल में लगे खैर के पेड़ काटकर लकड़ी की तस्करी करते है। कई बार वन विभाग के कर्मचारियों पर तस्कर हमला कर चुके है। बेखौफ हो चुके खैर के तस्करों ने इस बार पुलिस टीम पर हमला करने का दुस्साहस किया है।