यमुनानगर सिविल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था अब पुलिस कर्मचारियों के हाथ में होगी। इसके लिए अस्पताल में पुलिस चौंकी बनाई गई है।
यहां चार पुलिस कर्मचारियों की तैनाती के आर्डर उच्चाधिकारियों की ओर से जारी कर दिए गए हैं। इसमें एक सब इंस्पेक्टर होंगे। दो-चार दिन में कर्मचारी चौंकी में ज्वाइनिंग कर लेंगे।
चौंकी बनाने के लिए कमरे की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन की ओर से की गई है। इसके साथ ही अस्पताल में जगह-जगह चौंकी के बोर्ड भी लगा दिए गए हैं, ताकि अगर किसी मरीज या मरीज के साथ आए व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी घटना घट जाए तो वह बोर्ड को देख सीधा चौंकी तक पहुंच जाए और पुलिस को जल्द से जल्द घटना की सूचना मिल जाए।
अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1400 के बीच ओपीडी होती है और 200 के करीब मरीज अस्पताल में भर्ती रहते हैं। इसके साथ ही अस्पताल में 150 के करीब स्टाफ है। जिसे मिलाकर प्रतिदिन अस्पताल में हजारों की संख्या में लोगों का आनाजाना रहता है। इनकी सुरक्षा अब पुलिस कर्मचारियों के हाथों में होगी। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि चार पुलिस कर्मचारियों के आर्डर कर दिए गए हैं। जल्द ही उनकी ज्वाइनिंग भी हो जाएगी।
कई बार हो चुकी हैं घटनाएं
अस्पताल में कई बार मरीजों और तीमारदारों के साथ मारपीट हो चुकी है। यहां पर डॉक्टर या अस्पताल के अन्य स्टॉफ के साथ ही कई बार मारपीट के मामले सामने आए हैं। अस्पताल में आने वाले झगड़े के केसाें में तो अक्सर ट्रामा सेंटर में कहासुनी या मारपीट आम बात है।
इसके साथ ही मरीज की मौत होने पर मरीज के परिजनों का हंगामा भी कई बार अस्पताल में हो चुका है। अस्पताल में चौंकी न होने से और पुलिस समय पर न पहुंच पाने से कई बार हमलावर मौके से फरार हो जाते हैं और कई बार तो हालात भी काफी खराब हो जाते हैं।
इससे अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही अस्पताल में आए लोगों को नशीला पदार्थ खिलाकर लूटने का मामला भी सामने आ चुका है। इन सब मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस अधिकारियों को कई बार यहां पर चौंकी खोलने की मांग की थी।
जिस पर ध्यान देते हुए पुलिस अधिकारियों की ओर से यहां पर चौकी बनाई गई है। ट्रामा सेंटर में मारपीट के मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए थे।
लंबे समय से थी मांग : दहिया
सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. विजय दहिया ने बताया कि अस्पताल में आने वाला चाहे मरीज हो या तीमारदार और या फिर स्टाफ सदस्य हो उसके साथ अस्पताल में कोई घटना न घटे इसके लिए हम लगातार यहां पर चौंकी बनाने की मांग कर रहे थे।
जिस पर ध्यान देते हुए पुलिस अधिकारियों की ओर से चौंकी बना दी गई है। अब बस इसमें कर्मचारियों की तैनातगी ही बाकी है। वह भी जल्द ही हो जाएगी। अस्पताल में आने वाला हर कोई व्यक्ति अपने आपको सुरक्षित महसूस करेगा।