राज्य पुलिस में कांस्टेबल पद पर हुई भर्ती प्रक्रिया को रद कर देने से उन युवाओं को करारा झटका लगा है, जिन्होंने सभी टेस्ट पास कर लिए थे। अकेेले यमुनानगर जिले मेें ऐसे युवाओं की संख्या 150 से अधिक है। इनमें से अधिकतर युवाओं की उम्र अधिक हो जाने से वे दोबारा आवेदन नहीं कर पाएंगे। पिछले वर्ष प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ही प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
इसके बाद जिले के प्रभावित युवाओं ने युवा जागरण मंच का गठन किया, जिसका प्रधान रादौर निवासी गगनदीप सिंह को बनाया गया। वहीं चनेटी निवासी अशोक को उपप्रधान बनाया गया था। इन युवाओं ने डीसी, विधायक और विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की थी। युवाओं ने करनाल में सीएम आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया था। इन युवाओं में हरदीप सिंह, तजेंद्र सिंह, इमरान, बलदीप सिंह, पंकज मेहता, मनदीप, अशोक, गुरविंदर सिंह, अमरजीत सिंह और प्रवीण ने बताया कि प्रभावित युवाओं में सरकार के प्रति रोष है।
राजनीतिक द्वेष का शिकार हुए युवा
अंकित ने कहा कि उसके जीडी में 20 में से 18 नंबर आए थे। वह इंटरव्यू पास करने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त था लेकिन सरकार द्वारा पूरी प्रक्रिया रद करने से उसकी सारी उम्मीदें समाप्त हो गई हैं।
तिगरा निवासी जाहिद ने बताया कि उसके जीडी टेस्ट में 16 नंबर आए थे। जिस समय उसने टेस्ट दिए थे, उस
समय उसकी उम्र 24 साल थी। अब पूरी प्रक्रिया रद करने से वह भी दोबारा आवेदन नहीं कर पाएगा।
तिगरा निवासी इंद्र सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले युवा राजनीतिक द्वेष का शिकार हुए हैं। सरकार
को इन युवाओं को दोबारा मौका देना चाहिए।
चनेटी निवासी अशोक ने कहा कि पूरे प्रदेश से 90 हजार युवाआें ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था। इनमें से करीब 70 हजार अभ्यर्थी टेस्ट क्लीयर कर चुके थे। सरकार को इन युवाओं के बारे में सोचना चाहिए।
हरदीप सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए पुलिस भर्ती प्रक्रिया का पूरा सिस्टम कंप्यूटरराइज किया गया था। फिजिकल में सभी प्रतिभागियों की गति का पता करने के लिए पांव में कंप्यूटराइज चिप लगाए गए थे। वहीं पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई थी। पूरा सिस्टम कंप्यूटरराइज था, ताकि भर्ती में किसी प्रकार का कोई घपला न हो सके। उसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया को रद करना पूरी तरह गलत है।
राहुल ने कहा कि सरकार ने इस भर्ती के लिए पास हुए युवाआें के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। सरकार को पास युवाआें को एक मौका देना चाहिए।
2013 में निकाला था विज्ञापन
इन युवाओं ने बताया कि फरवरी, 2013 में हरियाणा सरकार की ओर से पुलिस कांस्टेबल जरनल ड्यूटी पुरुष भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था। पहले तो सरकार की ओर से कई माह फिजिकल की तारीख ही तय नहीं की गई। लंबे समय के बाद जून, जुलाई व अगस्त, 2014 में अंबाला व पंचकूला में फिजिकल टेस्ट हुए। इसमें हजारों युवाओं ने फिजिकल पास किया हुआ है।
साढे नौ करोड़ का नुकसान
युवाओं ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से अंबाला व पंचकूला में दो स्थानों पर भर्ती प्रक्रिया की गई। प्रदेश के करीब 90 हजार युवाओं ने अपना दमखम दिखाया। करीब 50 हजार युवाओं ने फिजिकल टेस्ट क्लीयर किए। पूरी भर्ती प्रक्रिया कंप्यूटरराइज की गई। इससे भर्ती प्रक्रिया पर लगभग साढे़ नौ करोड़ रुपये का खर्च आया था।
आंदोलन करेंगे
इन युवाओं द्वारा बनाए गए युवा जागरण मंच के प्रधान गगनदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया को रद किए जाने से युवाओं में रोष है। हम सभी इकट्ठे होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाएंगे।