संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छोटी-छोटी घटनाओं का खुलासा कर अपनी पीठ थपथपाने वाली यमुनानगर पुलिस बड़ी घटनाओं का खुलासा करने में फेल साबित हो जाती है। हत्या, डकैती जैसी वारदात का खुलासा करने पुलिस के पसीने छूट जाते हैं। वहीं कारोबारियों से रंगदारी मांगने वाले बदमाशों पर भी पुलिस कोई अंकुश नहीं लगा पा रही है।
हैरत की बात तो यह है कि शहर से लेकर देहात तक चोरी की ज्यादातर वारदातों में भी फाइनल रिपोर्टर लगाकर फाइलों को बंद दिया जाता है। बीते वीरवार को शहर के बीच में बाइक सवार शूटरों ने कारोबारी पर फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। जिसके बाद से ही पुलिस की अलग-अलग टीमें शूटरों को तलाश करने में जुटी हुई है। लेकिन, गिरफ्तार करना तो दूर अभी तक टीमें शूटरों की पहचान तक नहीं कर पाई।
अब बदमाशों की तलाश के लिए एसटीएफ की टीमों को भी लगाया गया है। इससे पहले रादौर में हुई गैंगवार में भी पुलिस शूटरों तक नहीं पहुंच पाई थी। पांच शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया था। जिनमें से तीन की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया जा चुका है।
मामले मेंे दो शूटरों की अभी तक पहचान भी नहीं हो पाई। 26 दिसंबर 2024 को हुई वारदात का खुलासा न होने पर इस मामले की तफ्तीश भी अब एसटीएफ गुरुग्राम को सौंप दी गई है।
25 नवंबर 2024 को जगाधरी क्षेत्र में ज्वेलरी शोरूम पर बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। विरोध करने पर सर्राफ को गोली मार दी थी। पुलिस ने अगले दिन बदमाशों की बाइक नहर से बरामद कर ली थी। लेकिन, बदमाशों को पता नहीं लगा पाई थी। यूपी के शामली में हुई मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों द्वारा डकैती की वारदात को अंजाम देने दावा किया गया था। लेकिन, अभी तक वारदात का पूरी तरह से खुलासा नहीं हुआ है। वहीं एक के बाद एक हो रही घटनाओं के लोगों में दहशत है। लोगों का कहना है कि अब तो उन्हें कहीं आने जाने ही नहीं घर में भी डर लगने लगा है। पता नहीं कब कोई घटना हो जाए।