यमुनानगर। ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर स्थानीय उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। यमुनानगर में प्लाईबोर्ड के दामों में करीब सात प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रेट बढ़ने व प्लाई महंगी होने का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और फर्नीचर बाजार पर पड़ेगा। प्लाई के महंगा होने का असर सीधे तौर पर निर्माण कार्यों और फर्नीचर उद्योग पर पड़ेगा। घर बनाने, मरम्मत और इंटीरियर डिजाइनिंग का खर्च बढ़ेगा, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पेट्रोल व इंडस्ट्रियल ऑयल की कीमतों में पहले से बढ़ोतरी हो चुकी है, वहीं अब प्लाई निर्माण में उपयोग होने वाले केमिकल महंगे हो गए हैं। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होना बताया जा रहा है।
केमिकल महंगे होने के चलते फैक्टरी संचालकों को लागत बढ़ने का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर अब बाजार कीमतों पर दिखने लगा है। बाजार में 50 से 52 रुपये प्रति फीट बिकने वाली 18 एमएम की कमर्शियल प्लाई अब 55 से 57 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं 65 रुपये प्रति फीट वाली वाटरप्रूफ प्लाई के दाम बढ़कर 80 रुपये तक हो गए हैं। इसी तरह 70 रुपये प्रति फीट वाली प्लाई अब 85 रुपये में बिक रही है। संवाद
प्लाई तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला लगभग सारा कच्चा माल महंगा हो गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर लगभग सभी उद्योगों पर पड़ा है। सामान महंगा मिल रहा है और बिक्री भी प्रभावित हुई है। इस पर कारोबारियों ने प्लाई के रेट सात प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। -जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।