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Yamuna Nagar News: सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ और जोखिम में जान

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यमुनानगर। सड़कों पर रोजाना हो रहे हादसों में लोगों की जान जा रही है। छोटे-छोटे गड्ढे जानलेवा बन रहे हैं लेकिन पिछले तीन माह से सड़क सुरक्षा के लिए कोई काम नहीं हो सके। इस दौरान न तो सड़कों की किसी खामी को दूर किया गया और न ही अधिकारी रोड सेफ्टी की बैठक कर सके। जिसका खामियाजा सड़कों पर आमजन को भुगतना पड़ा। पिछले तीन माह में कई लोग सड़क हादसों में मौत का शिकार बन गए।
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वैसे तो रोड सेफ्टी की बैठक हर माह होनी चाहिए, लेकिन लंबे समय से ऐसा नहीं हो रहा। बैठक में सड़कों की कमियों, हादसों के कारणों आदि पर डीसी द्वारा संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा की जाती है। बैठक में होने वाले कार्यों का समय निर्धारित किया जाता है। अगली बार होने वाली बैठक में अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की जाती है। इस साल रोड सेफ्टी की आखिरी बैठक 13 मार्च को हुई थी। इससे पहली बैठक 16 जनवरी को लघु सचिवालय में हुई थी।
दूसरी ओर शहर की मुख्य सड़कों का बुरा हाल है। जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर चूना भट्ठी चौक पर सड़क टूट चुकी है। हाईवे पर ही महाराजा अग्रसेन चौक जगाधरी से आगे तक डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल टूटी पड़ी है। इतना ही नहीं लोगों ने दर्जनों की संख्या में हाईवे पर अवैध कट बना रखे हैं। वाहन चालक कहीं से भी जब चाहे निकलते रहते हैं जो कई बार हादसे का सबब बन जाता है। रोड सेफ्टी की बैठक में इन्हें ठीक करने के बारे में कई बार चर्चा हो चुकी है, परंतु काम कुछ नहीं हुआ। इसी तरह जगाधरी में बूड़िया चौक और यमुनानगर में सहारनपुर रोड पर हाईवे किनारे ट्रकों की वर्कशॉप चल रही है। खराब ट्रकों को हाईवे पर ही खड़ा करके ठीक किया जाता है। हाईवे की एक लेन पर तो इन ट्रकों का ही कब्जा है। जिस कारण इन जगह पर हर समय जाम लग रहता है। इसी तरह शहर की काफी ट्रैफिक लाइटें खराब पड़ी हैं, इन्हें भी अधिकारी आज तक ठीक नहीं करवा पाए। वहीं नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर जो भी लिंक रोड हैं उन पर स्पीड ब्रेकर नहीं बन सके। लिंक रोड से लोग बाइक व कार में तेज रफ्तार से आते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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स्कूल बसों पर होनी है मुख्य चर्चा
इस बार होने वाली रोड सेफ्टी की बैठक में विशेष रूप से स्कूल बसों की जांच पर चर्चा होनी है। महेंद्रगढ़ में अप्रैल माह में हुए स्कूल बस हादसे में कई बच्चों की जान चली गई थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने स्कूल बसाें की जांच की थी, जिनमें करीब 90 बसें अनफिट मिली थीं। अनफिट बसों में बच्चे बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। हालांकि अभी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हैं। स्कूल खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे इस पर चर्चा होनी जरूरी है। जिले में करीब 350 स्कूलों की 700 बसें सड़कों पर चल रही हैं।

जल्द की जाएगी बैठक : हैरतजीत कौर
जिला परिवहन अधिकारी हैरतजीत कौर ने बताया कि लगभग सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लोकसभा चुनाव में लगी हुई थी। आचार संहिता के चलते कोई नया काम भी नहीं करवा सकते थे। अब जल्द बैठक कराने के लिए डीसी को पत्र लिखेंगे। साथ ही पिछली बैठक में जो काम बताए गए थे, उनकी रिपोर्ट भी आगामी बैठक में ली जाएगी।
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