जगाधरी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यमुनानगर जगाधरी स्टेशन को मॉर्डन बनाया जा रहा है। जहां लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। परंतु आधुनिक तकनीक से सुरक्षा प्रबंधों से स्टेशन बहुत दूर है। ए ग्रेड के मॉर्डन स्टेशन पर अभी तक सीसीटीवी नहीं लग पाए हैं। स्टेशन पर सीसीटीवी लगाने की योजना साल 2019 में शुरू हो गई थी।
पांच साल से स्टेशन कैमरे, डीवीआर सहित अन्य सामान पड़ा है, जिस पर धूल जम रही है। यह हालात तब हैं, जब तीन बार आतंकी संगठन की ओर से स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। कुछ दिन पहले भी स्टेशन पर बम होने की सूचना मिली थी। स्टेशन की सुरक्षा हाईटेक करने के लिए सीसीटीवी लगाए जाने हैं।
इस दौरान प्लेटफार्म, पैदल पुल, वेटिंग हॉल, वेटिंग रूम सहित तमाम स्थानों पर करीब 60 सीसीटीवी लगाने की योजना है। यह योजना 2019 में शुरू हुई थी और पांच साल बाद भी अधूरी है। योजना के तहत आरपीएफ थाने के एक कमरे में आधुनिक सुविधा और हाई स्पीड इंटरनेट से युक्त कंट्रोल रूम भी बनाया जाना है। कंट्रोल रूम में 52-52 इंच की दो एलईडी लगाई जाएंगी। सीसीटीवी के जरिये राजकीय रेलवे पुलिस व रेलवे सुरक्षा बल के कर्मचारी कंट्रोल रूम से ही पूरे स्टेशन की निगरानी कर सकेंगे।
रेलवे स्टेशन को तीन बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इस माह 27 तारीख को भी स्टेशन पर बैग में बम होने की सूचना मिली थी। पिछले साल 26 अक्टूबर लश्कर ए तैयबा के नाम से पत्र भेजा गया था। जिसमें रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी लगाने के लिए अगस्त 2019 में सर्वे किया गया था। अक्टूबर में कैमरे इंस्टॉल का काम भी शुरू कर दिया गया था। लॉकडाउन के कारण काम रोकना पड़ा। इसके बाद दो साल तक यह काम बीच में ही लटका रहा। इसके बाद 2022 में दोबारा सर्वे किया गया था। इसके लिए रेलटेल कंपनी को टेंडर दिया गया है।
पहले स्टेशन पर कुल 40 कैमरे लगाए जाने थे। दोबारा सर्वे के बाद इसका विस्तार व नवीनीकरण कर योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। अब स्टेशन पर अब 40 की जगह 60 कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए मंडल और रेलवे सुरक्षा बल के आला अधिकारियों की अनुमति भी मिल चुकी है। संवाद
यहां लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
रेलवे ने कैमरे लगाने के लिए रेलटेल (रेलवे टेलीकॉम) से अनुबंध किया है। स्टेशन पर 60 कैमरे लगाए जाने हैं। इस दौरान चार कैमरे रिवाल्विंग (घूमने वाले) लगाए जाएंगे। स्टेशन के तीन प्लेटफार्म हैं। एक नंबर प्लेटफार्म पर सबसे ज्यादा 22 कैमरे लगाए जाएंगे। प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर 22 से 24 कैमरे लगाने की योजना है। इसके अलावा 10 कैमरे दोनों फुट ओवर ब्रिज पर लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम आरपीएफ थाने में बनाया जाएगा। इसके लिए सर्वर, मॉनिटर, बैटरियां, एलईडी इत्यादि आ चुकी हैं। यहां पर 52-52 इंच की दो एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। कैमरों की संख्या ज्यादा होने से स्क्रीन की संख्या तीन हो सकती है।
रेलवे स्टेशन पर कैमरे लगाए जाने हैं। पहले 40 लगाए जाने थे, लेकिन अब 60 कैमरे लगाए जाएंगे। रेलवे स्टेशन पर निर्माण चल रहा है, निर्माण पूरा होने के बाद कैमरे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। सीसीटीवी कैमरे लगने से स्टेशन पर निगरानी रखने में आसानी होगी। इससे लोगों को बेहतर सुरक्षा व सुविधा मिलेगी। - नीतिश शर्मा, मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ, अंबाला।