संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में जाने को लेकर युवाओं में भारी उत्साह है। कई युवा ट्रेन तो कई निजी वाहनों से प्रयागराज जाने की योजना बना रहे हैं। वहीं टूर एंड ट्रैवलर एजेंसी संचालकों के पास पहुंच किराया पूछ रहे हैं। इसके अलावा सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं भी महाकुंभ का भ्रमण करवा रहे हैं। युवा टोलियां बनाकर प्रयागराज जा रहे हैं। अधिकांश शाही स्नान पर जाना चाहते हैं।
गोसंवर्धन न्यास के संरक्षण रोहित चौधरी ने कहा कि हालहीं में वह महाकुंभ से लौटकर आए हैं। महाकुंभ संस्कृति का कुंभ है। इसमें सभी को गोता लगाना चाहिए। इसका पौराणिक व आध्यात्मिक महत्व है। नई पीढ़ी संस्कृति से दूर हो रही है, जिन्हें महाकुंभ स्वयं का अस्तित्व पहचानने और संस्कृति से जुड़ने का अवसर है। महाकुंभ में जिले से काफी युवाओं जा रहे हैं, वहीं काफी लोग लौट आए हैं।
सावनपुरी निवासी संजीव शर्मा ने कहा कि वह परिवार सहित प्रयागराज के महाकुंभ होकर आए हैं। यह महाकुंभ लोक आस्था व सभ्यता का संगम है। सभी को इसमें डुबकी लगानी चाहिए। अन्य लोगों को भी बच्चों को महाकुंभ लेकर जाना चाहिए। इससे बच्चों को इसकी जानकारी मिलेगी। आध्यात्मिक व संस्कृति विकास के लिए यह जरूरी है।
पुराना हमीदा के दीक्षित शर्मा ने बताया कि महाकुंभ को लेकर युवाओं में उत्साह है। इसे लेकर युवा विभिन्न योजनाएं बना रहे हैं। अधिकांश युवा शाही स्नान पर जाने की तैयारी में है। वह स्वयं भी प्रयागराज जाने की योजना बना चुके हैं। उनके कई दोस्त व संबंधी महाकुंभ से लौट आए हैं। यह ऐतिहासिक क्षण कई साल बाद आएगा। ऐसे में युवा इसे व्यर्थ नहीं करना चाहते हैं।