संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पुलिस के साथ शनिवार सुबह पांच बजे आजाद नगर के नजदीक दशमेश कॉलोनी में 20 क्विंटल पनीर से भरी महिंद्रा पिकअप पकड़ी। शुरुआती जांच में आशंका है कि यह एनालॉग पनीर हो सकता है। मिलावट की आशंका के चलते पनीर को गड्ढा खोदवा कर जमीन में दबा दिया गया।
टीम ने पनीर के नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। पनीर की गुणवत्ता को लेकर अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि विभाग को कई दिनों से दशमेश कॉलोनी में भारी मात्रा में मिलावटी पनीर पहुंचने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद सिटी यमुनानगर पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की गई।
शुरुआती जानकारी के अनुसार पनीर कैथल जिले के कलायत से लाया जा रहा था और शहर में इसे करीब 200 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जा रहा था। पकड़े गए चालक सोनू कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह 500 रुपये दिहाड़ी पर पनीर लेकर यमुनानगर आया था। चालक के अनुसार उसे पनीर असली है या नकली, इसकी जानकारी नहीं थी। उसने बताया कि पनीर दशमेश कॉलोनी में दीपक कुमार नामक व्यक्ति के पास पहुंचाना था। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि पनीर कहां तैयार किया जा रहा था।
एनालॉग पनीर से नुकसान संभव
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गुलाब सिंह एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है, जिसे पारंपरिक दूध से बने पनीर के बजाय वनस्पति वसा, प्रोटीन और अन्य खाद्य सामग्री के इस्तेमाल से तैयार किया जा सकता है। इसमें दूध की वसा की जगह पाम ऑयल जैसी वनस्पति वसा का इस्तेमाल हो सकता है। इसकी बनावट और उपयोग पनीर जैसे हो सकते हैं, लेकिन इसकी सामग्री पारंपरिक पनीर से अलग होती है। इसकी वैधता और सुरक्षा इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्धारित खाद्य मानकों और सही लेबलिंग पर निर्भर करती है।
गांधीनगर में पकड़ा था एक क्विंटल एनालॉग पनीर
यमुनानगर। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नौ अक्तूबर को गांधी नगर क्षेत्र के एक मकान में छापा मारकर करीब एक क्विंटल पनीर बरामद किया था। विभाग के अनुसार, उस पनीर के एनालॉग होने की आशंका थी और उसमें से दुर्गंध आ रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में टीम ने सैंपल लेने के बाद शेष पनीर को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया था।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया था कि वहां से पनीर जिले की डेयरी दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को सप्लाई किया जा रहा था। इसके बाद से विभाग पनीर की आपूर्ति पर नजर रख रहा था। संवाद