संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रॉपर्टी आईडी, परिवार पहचान पत्र व अन्य दस्तावेजों की त्रुटियां दुरुस्त करवाने को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना प़ड़ रहा है। इन हालात ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों को लाइनों में खड़ा कर दिया गया। कईं-कईं घंटे लाइन में लगने के बाद भी त्रुटियों में सुधार नहीं हो पा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
लापरवाही के चलते लोगों के बीपीएल कार्ड तक कट गए। ऐसे में डिपो से मिलने वाला राशन भी बंद हो गया। ऐसे में समस्या और भी विकट हो गई। लोग समझ नहीं पा रहे आखिर समाधान करने के लिए जाएं तो कहां जाएं। वहीं इसी को देखते हुए सोमवार को नगर निगम कार्यालय गेट आप नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान आप कार्यकर्ताओं ने निगम अधिकारियों व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कुलविंद्र राणा ने किया। उन्होंने कहा कि निगम की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मंगलवार से आप कार्यकर्ता भूख हड़ताल करेंगे। मंगलवार को आप नेता कुलविंद्र राणा, दिलीप दड़वा, पूर्णचंद कांबोज, अश्वनी चौधरी, योगेश सेठी व अन्य कार्यकर्ता अनशन पर बैठेंगे।
गांधी नगर निवासी अंजू देवी ने बताया कि उसका पति मजदूरी करता है। मुश्किल से 7-8 हजार रुपये कमा पाते हैं। परिवार का गुजारा नहीं होता था। बीपीएल कार्ड से सरकारी सहायता मिलती थी। पहले उसकी वार्षिक आय 47 हजार रुपये थी। परंतु अब पीपीपी में उसकी परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख कर दी है। जिससे उसका बीपीएल कार्ड रद्द हो गया है। कई दिनों से चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं हो पाया है।
बूड़िया चुंगी निवासी सावित्री ने बताया कि परिवार में वह और उसका बेटा विजय रहता है। पति की काफी समय पहले मौत हो गई है। आय का कोई ठोस साधन नहीं है। पहले पीला राशन कार्ड था, जिससे परिवार का गुजारा होता था। उसे बुढ़ापा पेंशन मिलती थी, लेकिन पीपीपी में आय अब पांच लाख कर दी है। जिससे उसे मिलने वाला लाभ नहीं मिल रहा है। तीन महीने से परेशान है, लेकिन कहीं कोई समाधान नहीं हो रहा है।
गांव रायपुर निवासी अनिता ने बताया कि परिवार में तीन सदस्य हैं। पति शीशपाल दिहाड़ी करता है। पहले पीपीपी में उनके परिवार में आय 1.80 लाख कर दी। इसके बाद 50 हजार कर दी गई। इसके बाद 1.40 लाख कर दी। इसके बाद एक बार फिर 1.80 लाख कर दी है। जिला सचिवालय व नगर निगम के धक्के खाकर थक गई है। पहले पीला राशन कार्ड होने से परिवार का गुजारा चल जाता था। अब लाले पड़ गए हैं।
रायपुर निवासी रूमाली ने बताया कि परिवार में छह सदस्य हैं। पति रामकुमार फैक्टरी में मजदूर है। पहले आय 95 हजार थी, इसके बाद इसे बढ़ाकर 2.50 लाख कर दी गई। वहीं अब यह दोगुना कर पांच लाख कर दी गई है। पति की आय से परिवार नहीं चल पाता है। सरकार से मिलने वाले राशन से काफी सहारा लगता था, जो अब नहीं है। इससे परिवार के सामने मुसीबत खड़ी हो गई।
शांति कॉलोनी निवासी संगीता ने बताया कि उसका पति सुरेश मजदूरी करता है। एक बेटा निखिल पढ़ता है। परिवार की सभी साधनों से आय दस हजार रुपये महीना है। परंतु अचानक से उसकी आय पांच लाख रुपये कर दी गई है। सरकार की ओर से मिलने वाला राशन बंद हो गया है। जिससे उसके परिवार के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है। अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।