सतपाल वर्मा द्वारा किया गया टवीट
- फोटो : YAMUNA NAGAR
सीएचसी में 10 वर्षीय पोते को उपचार न मिलने से दुखी दादा ने ट्वीट कर इसकी शिकायत पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल को की है। इससे पहले हालात बताने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व सीएमओ विजय दहिया को फोन किया गया, लेकिन वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिला।
पीड़ित सतपाल वर्मा ने बताया उनका पोता विराज निजी स्कूल में पढ़ता है। बुधवार को करीब 11 बजे स्कूल प्रबंधन ने फोन पर विराज की अचानक तबीयत खराब होने की सूचना दी। सूचना पाते ही सतपाल वर्मा स्कूल से विराज को लेकर सीएचसी पहुंच गया। साढ़े 11 बजे के करीब पर्ची काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने मरीज अधिक होने के कारण पर्ची बनाने से मना कर दिया गया। इस दौरान ओपीडी में तैनात चिकित्सक के हस्तक्षेप पर पर्ची तो बन गई, लेकिन उसी चिकित्सक ने उस समय विराज की जांच करने से इंकार करते हुए शाम चार बजे आने को कहा। जब चार बजे सीएचसी में पोते विराज को लेकर पहुंचा तो चिकित्सक ओपीडी खत्म करने के बाद जा चुका था। उसका आरोप है कि चिकित्सक द्वारा उन्हें चार बजे सीएचसी में बुलाया गया, लेकिन वह चला गया। इस तरह उन्हें बेवजह परेशान किया गया। उसने बताया कि चिकित्सक की इस हरकत से दुखी होकर पहले तो उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को फोन किया, लेकिन उनसे बात न होने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम मनोहर लाल को ट्वीट कर मामले से अवगत करवाया है।
इस संबंध में साढौरा सीएचसी के चिकित्सक डॉ. विपिन का कहना है कि अस्पताल में वह एकमात्र डॉक्टर हैं। रोजाना सौ से दो सौ की ओपीडी हो रही है। ऐसे में पर्ची नंबर के अनुसार मरीजों का चेकअप किया जाता है। संबंधित व्यक्ति अन्य मरीजों से पहले चेकअप कराने की जिद पर अड़ा था। उसे समझाया गया और कुछ देर इंतजार करने को भी कहा गया।
अभी तक मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।
-डॉ. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग
उपचार न मिलने दुखी दादा व पोता खाली पर्ची लेकर सीएचसी में भटकते रहे।- फोटो : YAMUNA NAGAR