संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अनुसूचित जाति को मेघवाल जाति में शामिल करने के प्रस्ताव के विरोध में शनिवार को भीम आर्मी के बैनर तले समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कथित बयान वापस लेने और समाज से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष प्रदीप गौतम ने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक सभा में अनुसूचित जाति को मेघवाल जाति में शामिल करने के प्रस्ताव की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद प्रदेशभर में समाज में रोष है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज की अपनी ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है।
समाज किसी भी प्रकार से अपनी पहचान में बदलाव स्वीकार नहीं करेगा। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की वाणी में भी इस शब्द का उल्लेख मिलता है। ऐसे में सरकार को समाज की भावनाओं को समझते हुए प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी जाति की पहचान से जुड़ा फैसला समाज की सहमति और भावनाओं को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष अंकित छछरौली, जिला महासचिव संदीप मारवा, जिला सचिव सुरजीत नेहरा, प्रदेश उपाध्यक्ष सेवानिवृत्त एएसओ जोगिंदर, प्रदेश अध्यक्ष कमल बराड़ा, हर्ष साढौरा, ऋषिपाल रादौर, अनमोल भोजपुर यमुनानगर और शुभम जगाधरी समेत अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री ने अपना बयान वापस लेकर समाज से माफी नहीं मांगी तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर तेज किया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर पूरे हरियाणा में चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर डेरा बाबा लाल दास कपाल मोचन, आंबेडकर महासभा, महासभा यमुनानगर, खालसा कॉलेज रोड स्थित गुरु रविदास मंदिर सभा और भीम आर्मी यमुनानगर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व समाज के लोग मौजूद रहे।