संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जय सिटी कॉलोनी के लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। जय सिटी दिल्ली की एक कंपनी की ओर से बनाई गई थी, जो दिवालिया होने पर 2015 में चली गई थी। जिसके बाद से निवासी अपनी कमेटी बनाकर देखरेख कर रहे हैं।
जय सिटी प्रधान अधिवक्ता मांगेराम पंवार ने बताया कि कॉलोनी बसे काफी समय हो गया है। 20 साल बाद कॉलोनी में बिछाई अंडरग्राउंड बिजली की तारे लगभग जल चुकी हैं। बिजली निगम केवल मीटर तक अपनी सेवा दे रहा है। जबकि कॉलोनी के लोगों के बिल में स्ट्रीट लाइट टैक्स, फायर टैक्स व अन्य शुल्क बिजली बिल में जोड़कर भेजा जाता है। बिजली निगम जब सभी टैक्स ले रहा है तो सेवाएं भी सभी देनी चाहिए।
केवल मीटर तक सर्विस देना गलत है। कॉलोनी के सुभाष बत्रा, नरेश, स्वामी मंदिर प्रधान विनोद गुप्ता, दीपक अग्रवाल, अतुल जैन, संजय भारद्वाज, चंद्रशेखर ने इस बारे एसई से कई बार इस बारे बात की, परंतु अधिकारी निजी कॉलोनी होने की बात कहकर काम करने से मना कर देते हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी में बिजली की खपत बढ़ गई है।
ऐसे में सात से आठ घंटे पावर हाउस से तो कभी जय सिटी के अंदर से बिजली बंद हो जाती है। बिजली न होने पानी भी नहीं आता है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कमेटी ने निर्णय लिया है कि यदि जल्द ही इसका समाधान नहीं निकाला गया तो वे बड़ा कदम उठाएंगे। इसके लिए उनका पांच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल डीसी और ऊर्जा मंत्री से मिलेगा।