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Yamuna Nagar News: उठान में सुस्ती से अटका भुगतान

Fri, 24 Apr 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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उठान न होने से गेहूं की बोरियों से अटी जगाधरी की अनाज मंडी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक के बीच उठान की धीमी रफ्तार ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडियों में 256377 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 236050 मीट्रिक टन की खरीद भी पूरी कर ली गई है। इसके बावजूद महज 139171 मीट्रिक टन, यानी करीब 59 प्रतिशत गेहूं का ही उठान हो पाया है। ऐसे में मंडियां भरी पड़ी हैं और किसानों को भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
मंडियों में उठान का कार्य ठेकेदारों के जिम्मे होता है, लेकिन उनकी सुस्ती अब किसानों पर भारी पड़ रही है। किसान अपनी फसल बेचने के बाद भी भुगतान के लिए परेशान हैं, क्योंकि नियम के अनुसार जब तक गेहूं का उठान नहीं होता, तब तक भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। जिले की 13 अनाज मंडियों में इस बार अच्छी आवक दर्ज की गई है।
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व्यासपुर, छछरौली, जगाधरी, सरस्वतीनगर और रादौर मंडियों में सबसे अधिक गेहूं पहुंचा है। बावजूद इसके उठान की गति संतोषजनक नहीं है। मंडियों में जगह की कमी होने लगी है, जिससे नई फसल लाने वाले किसानों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। व्यासपुर मंडी में 27506 मीट्रिक टन, छछरौली अनाज मंडी में 26986 मीट्रिक टन, गुमथला रॉव अनाज मंडी में 5103 मीट्रिक टन गेहूं, जगाधरी अनाज मंडी में 36881 मीट्रिक टन गेहूं, जठलाना अनाज मंडी में 3718 मीट्रिक टन गेहूं, खारवन अनाज मंडी में 3841 मीट्रिक टन गेहूं, प्रतापनगर अनाज मंडी में 25959 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है।
सरस्वतीनगर अनाज मंडी में 38333 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसी तरह रादौर अनाज मंडी में 35398 मीट्रिक टन, रणजीतपुर अनाज मंडी में 9498 मीट्रिक टन गेहूं, रसूलपुर अनाज मंडी में 7665 मीट्रिक टन व साढौरा में 14929 मीट्रिक टन, यमुनानगर अनाज मंडी में 232 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है।
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प्रशासन का दावा है कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा खरीद का काम किया जा रहा है। अब तक हैफेड किसानों को करीब 155 करोड़ रुपये और डीएफएससी द्वारा 87.87 करोड़ रुपये का भुगतान भी जारी किया जा चुका है, लेकिन यह राशि खरीद के मुकाबले अधूरी है।
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