संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पटवारियों के विरोध के बाद जिले के 54 पटवार सर्कल में अब कोई काम नहीं होगा। चूंकि पटवारियों ने अपने मूल सर्कल को अन्यों का चार्ज वापस कर दिया। पटवारियों ने उन्हें मिले अतिरिक्त सर्कल का काम करने से मना दिया है।
दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन ने भ्रष्ट पटवारी सूची जारी होने के प्रकरण के बाद तीन दिन का विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस दौरान एसोसिएशन ने केवल अपने मूल सर्कल का काम करने की घोषणा की थी। जिसके बाद जिले के पटवारियों ने तीन काली पट्टी बांधकर इसका विरोध किया।
इस दौरान उन्होंने केवल अपने मूल सर्कल का काम किया। जबकि अतिरिक्त सर्कल का चार्ज उन्होंने वापस कर दिया। पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल के बस्ते भी तहसीलदार कार्यालय में जमा करवा दिए हैं। जिसके बाद अब जिले के करीब 54 पटवार सर्कल खाली हो गए हैं। चूंकि इन सर्कल में पटवारी नहीं हैं और अब तक इनका चार्ज दूसरे सर्कल का पटवारियों को अतिरिक्त भार दे रखा था। पटवारियों के चार्ज वापस करने के बाद अब जगाधरी तहसील के दस सर्कल खाली हो गए हैं। जगाधरी तहसील में कुल 18 सर्कल व आठ पटवारी हैं। पटवारियों ने अतिरिक्त सर्कल के बस्ते जमा करवा दिए हैं। वहीं, विरोध के तीसरे दिन पटवारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।
तीन दिन से जिले के 54 सर्कल में कोई काम नहीं हुआ है। जिले में कुल 88 सर्कल और 34 पटवारी हैं। पटवारी अब केवल अपने मूल सर्कल का काम करेंगे। पटवारियों के चार्ज छोड़ने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। चूंकि पटवारी अपने बस्ते जमा करवा चुके हैं और उसके बिना काम नहीं हो सकता है। तीन दिन से मूल सर्कल को छोड़ अन्य में काम नहीं हुआ। तीन में करीब 200 इंतकाल, 500 से ज्यादा रिहायशी प्रमाण पत्र, 200 से ज्यादा फर्द, गिरदावरी नकल इत्यादि का काम अटका हुआ है। इसके अलावा विद्यार्थियों के बनने वाले प्रमाणपत्र भी अटके हुए हैं। इससे जहां लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, दूसरी तरफ यदि पटवारियों का विरोध जारी रहा तो लोगों के तमाम काम नहीं हो पाएंगे।