संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। प्रदेश के भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी होने के मामले से उठा विवाद पर सरकार व एसोसिएशन की सहमति बन गई है। सहमति बनने के बाद पटवारियों ने विरोध स्थगित कर दिया है। एसोसिएशन ने चेतावनी भी दी है यदि बिना किसी उच्च स्तरीय जांच के बिना कोई कार्रवाई की जाती है तो हड़ताल पर चले जाएंगे।
सहमति बनने के बाद पटवारियों ने 21 जनवरी को छोड़े सभी अतिरिक्त सर्कल का चार्ज भी वापस संभाल लिया है। तहसील कार्यालय में जमा करवाए अपने बस्ते लेकर पटवारी काम पर लौट आए हैं। पटवारियों के काम पर लौटने से लोगों ने राहत की सांस ली। चूंकि करीब दो सप्ताह से पटवारी केवल अपने मूल सर्कल का काम कर रहे थे।
इस दौरान अतिरिक्त सर्कल का काम नहीं किया गया। काम न होने के कारण लोगों को कार्यालयों के धक्के खाने पड़ रहे थे। अब पटवारियों के ड्यूटी पर लौटने से लोगों के काम होने शुरू हो गए हैं। इस दौरान काम काफी बढ़ गया है। जिससे भी लोगों को परेशानी हो रही है। काम के लिए पटवारी लोगों को अलग-अलग दिन बुला रहे हैं।
प्रदेश के 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी करने के मामले को लेकर जिले के पटवारी 20 जनवरी को विरोध में उतर आए थे। इस दौरान पटवारियों ने तीन दिन काले बिल्ले लगाकर काम किया। 21 जनवरी को पटवारियों ने उन्हें मिले अतिरिक्त सर्कल का चार्ज लौटाकर तहसीलदार कार्यालय में बस्ते जमा करवा दिए थे।
जिले में कुल 88 पटवार सर्कल हैं, जबकि पटवारियों की संख्या 34 है। चार्ज वापस करने से जिले के 54 पटवारखाने खाली हो गए हैं। इन सर्कल में दो सप्ताह से कोई काम नहीं हुआ है। जगाधरी तहसील में कुल 18 सर्कल और आठ पटवारी हैं। पटवारी न होने से जिले के 54 सर्कल में कोई काम नहीं हुआ।
दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला महासचिव अवतार सिंह ने बताया कि सरकार से सहमति बनने के बाद पटवारी काम पर लौट आए हैं। वापस किए भी अतिरिक्त सर्कल का पटवारियों ने काम संभाल लिया है। इस दौरान लंबित काम भी जल्दी से निपटाए जाएंगे, ताकि इंतजार में रुके लोगों को दिक्कत न हो। उन्होंने कहा यदि इस दौरान बिना किसी जांच के सरकार कोई कार्रवाई करती है पटवारी काम छोड़ हड़ताल पर चले जाएंगे।