फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: हड़ताल से मरीजों ने झेली परेशानी, नहीं हुए ऑपरेशन

Fri, 26 Jul 2024 05:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। मांगों के समर्थन मे सरकारी डॉक्टर वीरवार को हड़ताल पर रहे। इसे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर उन मरीजों को ज्यादा दिक्कत हुई जिनका उपचार पहले से ही हड़ताल पर गए डॉक्टरों से चल रहा है। मरीज ओपीडी की पर्ची बनवाने के बाद घंटों डॉक्टरों का इंतजार करते नजर आए। वहीं ऑपरेशन भी नहीं हुए।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. विपिन गोंदवाल के अनुसार जिले में 67 में से 66 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। ओपीडी प्रभावित न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एनएचएम के तहत लगे डॉक्टरों व इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस विद्यार्थियों की ड्यूटी मरीजों का चेकअप करने के लिए लगाई गई। डॉक्टरों ने आज भी हड़ताल पर रहने की घोषणा की हुई है।
विज्ञापन

जिला नागरिक अस्पताल में 29 में से 21 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। हड़ताल की वजह से अस्पताल में एनएचएम से दो स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एसएनसीयू में तीन व एनसीडी में एक एमबीबीएस और आयुष विभाग से दो एमओ, एक होम्योपैथिक व पंचकर्मा स्पेशलिस्ट और एक योग स्पेशलिस्ट की ड्यूटी लगाई गई थी।
वहीं डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में ज्यादातर मरीजों को पहले ही पता चल गया था। इसलिए जिला नागरिक अस्पताल में केवल 1075 मरीज ही ओपीडी में पहुंचे। रोजमर्रा में 1500 से अधिक मरीज अस्पताल में पहुंचते हैं। गनीमत यह रही कि इमरजेंसी में अस्पताल में कोई बड़ा केस नहीं आया। इसके अलावा कोई पोस्टमार्टम भी नहीं था।
डॉक्टर पृथ्वी सिंह ने हड़ताल पर न जाकर मरीजों का चेकअप किया। हालांकि बाजू पर काली पट्टी बांध कर वह एसोसिएशन का साथ देते नजर आए। वहीं अस्पताल के डॉक्टर विजय विवेक एमडी कर रहे हैं। वह मरीजों का चेकअप करते दिखे। कस्बों में साढौरा अस्पताल में दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमिता नागर व स्वास्थ्य अधिकारी इसजोत कौर ने 195 मरीजों का उपचार किया। इमरजेंसी में यहां कोई केस नहीं आया। वहीं छछरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दोनों एमओ हड़ताल पर रहे। बीएएमएस डॉक्टरों ने 77 मरीजों का चेकअप किया।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. विपिन गोंदवाल ने बताया कि 18 जुलाई को एसोसिएशन व सरकार के बीच सहमति बनी थी कि एसीपी, इन सर्विस पीजी बांड एक करोड़ से 50 लाख रुपये करने का नोटिफिकेशन 25 जुलाई से पहले आ जाएगा, लेकिन अभी तक यह नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। इसके अलावा लगभग 150 एसएमओ की पोस्ट रूटीन प्रमोशन से भरने के लिए वन टाइम रिलेक्सेशन का अप्रूवल व तीन हजार रुपये प्रति माह कन्वेंस अलाउंस के अप्रूवल की भी सहमति बनी थी। इन पर अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। इसलिए मजबूरी में हड़ताल करनी पड़ रही है।
मरीजों को नहीं हुई कोई परेशानी : पीएमओ
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला का कहना है कि डॉक्टरों की हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ। मरीजों की जांच के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों की व्यवस्था की गई थी। सभी डॉक्टरों ने दो दिन की सीएल दी थी लेकिन इसे रिजेक्ट कर दिया गया है। सरकार हड़ताल पर गए डॉक्टरों से बातचीत कर रही है। अभी तक शुक्रवार को भी डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की बात कही है।
डॉक्टर नहीं मिले : इमरान
सरांवा गांव के इमरान ने बताया कि वह सुबह ही अस्पताल में दाई लेने पहुंच गया था। जिस डॉक्टर की पर्ची बनवाई थी वह काफी देर तक नहीं आए। इसलिए काफी देर तक उनका इंतजार किया। उसे एलर्जी की शिकायत है। परंतु यहां आकर खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा।
गुर्दे में है दिक्कत : युसुफ
नाहरपुर गांव के युसुफ ने बताया कि गुर्दे में कई दिन से दिक्कत है। इसका उपचार भी जिला नागरिक अस्पताल में ही चल रहा है। अब कल से पेट में दर्द हो रहा था। यहां आकर पता चला कि जिस डॉक्टर से उपचार चल रहा है वह हड़ताल पर है। इसलिए मजबूरी में दूसरे डॉक्टर को दिखाना पड़ा।
विज्ञापन

दुबारा आना पड़ेगा : रेशमा
आजाद नगर की रेशमा ने बताया कि उसके घुटनों में दर्द है। कई दिनों से दर्द के कारण परेशान थी इसलिए आज दवा लेने आई थी। वह वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करती रही, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। अब उसे दुबारा आकर डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें