संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अव्यवस्थाओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना करीब 2000 मरीजों की ओपीडी होने वाले अस्पताल में प्रत्येक चिकित्सक के पास 80 से 100 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन कई बार चिकित्सकों की अन्यत्र ड्यूटी, बैठकों, स्वास्थ्य शिविरों, ऑपरेशन अथवा अवकाश के कारण मरीजों को समय पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाते।
अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग जाती हैं, लेकिन कई बार संबंधित चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं मिलते। ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज बिना उपचार लिए वापस हो जाते हैं, जबकि कुछ को दूसरे चिकित्सक से दवा लेनी पड़ती है।
मरीजों का कहना है कि यदि किसी चिकित्सक की बैठक, शिविर या अन्य कार्यक्रम में ड्यूटी लगाई गई है तो इसकी पूर्व सूचना अस्पताल में प्रदर्शित की जानी चाहिए, ताकि मरीज अनावश्यक रूप से परेशान न हों। लोगों का यह भी कहना है कि यदि कोई चिकित्सक अवकाश पर जा रहा है तो संबंधित मरीजों को एक दिन की अतिरिक्त दवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का मानना है कि ओपीडी प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने की जरूरत है। चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था और समयबद्ध सूचना प्रणाली लागू होने से मरीजों को राहत मिल सकती है। वर्तमान स्थिति में राहत की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का मर्ज अव्यवस्थाओं के कारण और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
इस बारे में प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. विपुल गोयल ने कहा कि इसके पर्ची काउंटर पर पहले से ही लोगों को चिकित्सकों की उपलब्धता के बारे में बताया दिया जाता है। अन्यत्र ड्यूटी होने की भी जानकारी दे दी जाती है।