संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अभिभावक सेवा मंच ने निजी स्कूलों की कथित मनमानियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी और अधूरी जांच पर सवाल उठाए हैं। वीरवार को मंच का एक शिष्टमंडल जिलाध्यक्ष शैंकी गुप्ता के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलता, डीईईओ अशोक कुमार और डिप्टी डीईओ शिव कुमार धीमान से मिला तथा विभिन्न शिकायतों पर चर्चा की।
मंच के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से अभिभावक निजी स्कूलों की शिकायतें लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दोषी पाए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को उपायुक्त के निर्देश पर अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा को शिकायतों और साक्ष्यों का विस्तृत विवरण सौंपा गया था।
जांच के दौरान 35 स्कूलों में विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने और नोटिस जारी होने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ स्कूल आरटीई के तहत सीटें कम दर्शाते हैं और पात्र बच्चों को विभिन्न कारणों से प्रवेश देने से इंकार कर देते हैं।
इसके अलावा छठी, नौवीं और ग्यारहवीं कक्षा में दोबारा प्रवेश शुल्क लेने के मुद्दे को भी अधिकारियों के समक्ष उठाया गया। मंच के सदस्य विपिन गुप्ता ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल से अतिरिक्त साक्ष्य मांगे, जिन्हें मौके पर उपलब्ध कराया गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया। बैठक में ज्योति गुप्ता, विपिन गुप्ता, अनुराग सिंघल और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।