संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में पिछले वर्ष सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के बहुचर्चित धान घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-17ए के तहत कार्रवाई की मंजूरी मिलने के बाद एसआईटी अब हैफेड के जिला प्रबंधक उधम सिंह कांबोज से पूछताछ करेगी।
जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर उन्हें हिरासत में भी लिया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो इसे घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जाएगा। जानकारी के अनुसार एसपी कार्यालय की ओर से फरवरी माह में सहकारिता विभाग, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से जिला प्रबंधक के खिलाफ धारा-17ए के तहत जांच की अनुमति मांगी गई थी।
मंजूरी मिलने के बाद एसआईटी ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे पहले एसआईटी ने मार्च माह में हैफेड के वरिष्ठ प्रबंधक सलेंद्र को गिरफ्तार किया था। जिनसे आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला से लिए गए रुपये की रिकवरी भी की गई थी। जांच एजेंसियां पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
डीएसपी जगाधरी राजीव मिगलानी ने बताया कि हैफेड के जिला प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसमें उनसे पूछताछ की जाएगी। उधर, हैफेड के जिला प्रबंधक उधम सिंह कांबोज ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि इस मामले में उनका कोई दोष नहीं है और वह किसी भी प्रकार की जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
निदेशक के निरीक्षण में खुला था मामला
13 नवंबर 2025 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अंशज कुमार ने प्रतापनगर स्थित संदीप सिंगला की राइस मिल का औचक निरीक्षण किया था। फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान धान के स्टॉक में भारी कमी मिलने पर जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसके बाद सात राइस मिलों में फैले करीब 70 करोड़ रुपये के इस घोटाले का खुलासा हुआ। फिलहाल विभागीय जांच के साथ-साथ एसआईटी भी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।